बुलडोजर कार्रवाई पर बयान पड़ा भारी, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की प्रशासनिक व कानूनी मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। आमतला स्थित उनके कार्यालय पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद दिए गए एक बयान को लेकर उनके खिलाफ बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में नई प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई है। राजीव सरकार नामक एक स्थानीय युवक की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब विवादित बयान से संबंधित वीडियो फुटेज के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

आमतला कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई और सांसद की तीखी प्रतिक्रिया

यह पूरा विवाद आमतला स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई से शुरू हुआ, जहां अवैध निर्माण का हवाला देते हुए भवन के एक हिस्से को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया था। इस कार्रवाई के तुरंत बाद पत्रकारों से बात करते हुए तृणमूल सांसद ने राज्य शासन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कार्यालय निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेज व स्वीकृत नक्शा उनके पास मौजूद हैं, फिर भी केवल राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए यह एकतरफा कार्रवाई की गई है।

ब्याज समेत हिसाब चुकाने वाले बयान पर बढ़ा विवाद

संवाददाताओं से बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि हर एक प्रशासनिक कार्रवाई की तीखी प्रतिक्रिया होती है। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि वे जीवित रहे तो वर्ष 2031 में इस पूरी कार्रवाई का हिसाब ब्याज समेत वापस लौटाएंगे। उनके इसी बयान को धमकी और जनशांति भंग करने के प्रयास के रूप में देखते हुए शिकायतकर्ता ने पुलिस में मामला दर्ज कराया, जिसके आधार पर अब साइबर क्राइम पुलिस गहनता से जांच में जुट गई है।

पूर्व से दर्ज अन्य मामलों में भी जारी है कानूनी जांच

राज्य में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों और सत्ता परिवर्तन के बाद से ही अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले दर्ज हैं। इनमें शिक्षक व ग्रुप-डी नियुक्ति घोटाला, कोयला व बालू तस्करी, सेवाश्रय योजना में कथित अनियमितताएं, हस्ताक्षर जालसाजी तथा डीजे संबंधी विवादित टिप्पणियों के मामले शामिल हैं। इन मामलों को लेकर वे पूर्व में भी राज्य पुलिस और अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की लंबी पूछताछ का सामना कर चुके हैं।

साइबर क्राइम पुलिस की जांच और आगामी कानूनी शिकंजा

नया मामला दर्ज होने के बाद बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायत के साथ सौंपे गए डिजिटल साक्ष्यों और वीडियो क्लिप्स का फोरेंसिक विश्लेषण शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बयानों की सत्यता और कानूनी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, इस नई एफआईआर के सामने आने के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी और हलचल एक बार फिर काफी तेज हो गई है।

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