“STF का अब तक का सबसे बड़ा प्रहार; 50 लाख की नशीली कफ सिरप के साथ पूरा ड्रग नेटवर्क ध्वस्त”

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में नशीली दवाओं के अवैध नेटवर्क के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। एसटीएफ ने मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 50 लाख रुपये मूल्य की प्रतिबंधित कफ सिरप की एक विशाल खेप जब्त की है। बैक-टू-बैक हुई इस दूसरी बड़ी रेड ने यह साफ कर दिया है कि भोपाल और उसके नजदीकी इलाकों में नशे का यह काला कारोबार बेहद संगठित तरीके से पैर पसार चुका है। इस कामयाबी के बाद जांच एजेंसी अब इस पूरे रैकेट के सरगनाओं तक पहुंचने के लिए कड़ियां जोड़ने में लगी है।

मुबारकपुर में आधी रात को छापेमारी, भारी मात्रा में स्टॉक जब्त

मिल रही पुख्ता जानकारियों के मुताबिक, 30 और 31 मई की मध्यरात्रि को एसटीएफ की एक विशेष टुकड़ी ने गुप्त सूचना के आधार पर एयरपोर्ट रोड के पास स्थित मुबारकपुर इलाके में घेराबंदी कर अचानक छापा मारा। इस तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की गई। जब्त किए गए जखीरे में 'ऑफ-कफ' और 'ऑनरेक्स' जैसे ब्रांड्स की बोतलें शामिल हैं, जिन्हें अवैध रूप से युवाओं और नशेड़ियों को ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी। बरामद किए गए दर्जनों कार्टनों में बंद इस माल की कुल अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये के आसपास आंकी गई है।

मास्टरमाइंड और मददगारों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ मुस्तैद

मुबारकपुर क्षेत्र में पिछले काफी समय से प्रतिबंधित सिरप के अवैध भंडारण और उसे गुपचुप तरीके से बाजार में खपाने की इनपुट्स मिल रही थीं, जिसके बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अब जांच का पूरा फोकस इस बात पर है कि नशे की इतनी बड़ी खेप की मैन्युफैक्चरिंग कहां हुई, इसे भोपाल तक पहुंचाने में किसने मदद की और इस सिंडिकेट को किन रसूखदारों का संरक्षण प्राप्त है। इस अवैध कारोबार के मुख्य सप्लायरों और खरीदारों की कुंडली खंगाली जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जा सके।

डोबरा पटेल सिटी के बाद एक और बड़ी कामयाबी, आरोपी पुलिस रिमांड पर

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही एसटीएफ ने गांधीनगर इलाके की डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी में भी ऐसी ही एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की नशीली कफ सिरप पकड़ी थी। उस मामले में भी कई तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया था। वहीं, मुबारकपुर वाले इस ताजा मामले में पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने माननीय न्यायालय में पेश कर पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। अधिकारियों का दावा है कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ में इस अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

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