NCP में फिर बढ़ी हलचल, सुनेत्रा पवार खेमे के नेताओं ने थामा शरद पवार का हाथ

ठाणे। महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के बीच जारी राजनीतिक खींचतान के बीच ठाणे जिले से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी गुट को स्थानीय स्तर पर तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के ठाणे शहर युवा अध्यक्ष विरु वाघमारे और महासचिव हेमंत वाणी ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ एनसीपी शरद चंद्र पवार गुट का दामन थाम लिया है। शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता व विधायक डॉ. जितेंद्र आव्हाड और जिलाध्यक्ष मनोज प्रधान की मौजूदगी में इन सभी नेताओं का पार्टी में स्वागत किया गया।
जितेंद्र आव्हाड के जन्मदिन पर 'घर वापसी'
बुधवार रात आयोजित इस कार्यक्रम को कार्यकर्ताओं ने विधायक डॉ. जितेंद्र आव्हाड के जन्मदिन के उपहार के रूप में प्रस्तुत किया। शरद पवार गुट में शामिल होने के बाद विरु वाघमारे ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें सुनेत्रा पवार गुट में कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा था, जिसके कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। वाघमारे ने अपनी वापसी को "निजाम के चंगुल से आजादी" जैसा बताया और कहा कि आव्हाड का नेतृत्व सभी को साथ लेकर चलने वाला है।
भटके पक्षी अपने घोंसले में लौट आए: जितेंद्र आव्हाड
इस अवसर पर विधायक डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि रास्ते से भटके हुए पक्षी आखिरकार अपने मूल घोंसले में ही लौटते हैं। उन्होंने विरु वाघमारे और हेमंत वाणी का पार्टी में स्वागत करते हुए बताया कि वाघमारे की इस 'घर वापसी' में उनकी माताजी का भी अहम योगदान रहा, जिन्होंने उन्हें अपने पुराने राजनीतिक मंच पर वापस लौटने की प्रेरणा दी।
ठाणे में संगठनात्मक समीकरणों पर पड़ेगा असर
ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से कार्यकर्ताओं के पाला बदलने की अटकलें लगाई जा रही थीं। विरु वाघमारे और उनके समर्थकों के जाने से ठाणे में शरद पवार गुट के कैडर को मजबूती मिलेगी, जबकि अजित-सुनेत्रा पवार गुट को स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक रूप से बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
