पुलिस पर हमले के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई, गिरफ्तारी के बाद निकाला गया जुलूस

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में एक ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) पर जानलेवा चाकूबाजी करने वाले तीन शातिर बदमाशों को पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस ने क्षेत्र में कानून का खौफ पैदा करने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए तीनों आरोपियों का बीच सड़क पर पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान बदमाशों से सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक लगवाकर माफी मंगवाई गई। जुलूस के दौरान आरोपी सरेराह हाथ जोड़कर चिल्लाते हुए नजर आए कि 'अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है।' इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर जमकर वायरल हो रहा है।

यह पूरी वारदात कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्त आजाद चौक इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, बीते 22 जून की देर रात्रि को पुलिस को एक महिला के साथ सरेराह छेड़छाड़ किए जाने की शिकायत मिली थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। वहां मौजूद उपद्रवी युवकों—गणेश उर्फ गन्नू रजक, अभिलाष सेन और पारस बर्मन ने पुलिस टीम को देखते ही उनके साथ बदतमीजी शुरू कर दी। जब ड्यूटी पर मौजूद आरक्षक रूपेश यादव ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और देखते ही देखते उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर लहूलुहान कर दिया।

वायरल वीडियो के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई

आरक्षक पर हमले की इस सनसनीखेज वारदात का वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर प्रसारित हुआ, पुलिस महकमे में खलबली मच गई। कोतवाली थाना प्रभारी (टीआई) राखी पांडे ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और वायरल वीडियो के फुटेज के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों नामजद आरोपियों को चंद घंटों के भीतर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू भी बरामद कर लिया है।

आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस की प्रारंभिक जांच और क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगालने पर यह बात सामने आई है कि पकड़े गए तीनों आरोपी क्षेत्र के आदतन अपराधी हैं। इन सभी के खिलाफ पहले से ही कोतवाली सहित अन्य थानों में मारपीट, डराने-धमकाने और अवैध वसूली जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी पृष्ठभूमि के कारण पुलिस ने इलाके में आम जनता के भीतर से इनका डर खत्म करने के लिए इनका जुलूस निकालने का कड़ा कदम उठाया।

कोर्ट में पेशी के बाद भेजे गए जेल

सड़कों पर सरेआम माफी मंगवाने और भविष्य में कभी भी अपराध न करने की कसम खिलवाने के बाद पुलिस टीम तीनों आरोपियों को वापस थाने लेकर आई। यहां जरूरी कागजी कार्रवाई और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और पुलिसकर्मी पर हुए हमले को देखते हुए तीनों बदमाशों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद उन्हें तुरंत जेल दाखिल कर दिया गया।

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