टीम इंडिया की कमजोरी आई सामने! आठ बल्लेबाजों के साथ खेलने पर गावस्कर ने जताई चिंता

भारत के महान पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टी-20 सीरीज में भारतीय टीम के समग्र प्रदर्शन से बिल्कुल खुश नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर की मैच रणनीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि अंतिम एकादश (प्लेइंग-11) में आठवें नंबर तक बल्लेबाजी का विकल्प रखने की जिद के कारण टीम का गेंदबाजी आक्रमण बेहद कमजोर हो रहा है। गावस्कर के अनुसार, भारतीय टीम को केवल बल्लेबाजी में गहराई बढ़ाने पर जोर देने के बजाय अपनी गेंदबाजी के संतुलन को बेहतर करने पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।

चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरे भारत

सुनील गावस्कर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय टीम की शुरुआती एकादश में कम से कम चार विशेषज्ञ और नियमित गेंदबाज जरूर शामिल होने चाहिए, जबकि पांचवें और छठे गेंदबाज की जिम्मेदारी ऑलराउंडर खिलाड़ियों को सौंपी जा सकती है। उन्होंने नमन धीर और अक्षर पटेल का उदाहरण देते हुए समझाया कि ये ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपनी किफायती गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। गावस्कर का कहना है कि जब आप जबरन आठवें नंबर तक बल्लेबाजी रखने का प्रयास करते हैं, तो आपकी मुख्य गेंदबाजी धारहीन हो जाती है और इसका खमियाजा टीम को हार के रूप में भुगतना पड़ता है।

हार्दिक का विकल्प तलाशने में न उलझे टीम प्रबंधन

गावस्कर का मानना है कि भारतीय टीम प्रबंधन हार्दिक पांड्या जैसे सर्वगुण संपन्न ऑलराउंडर का हूबहू विकल्प तलाशने के चक्कर में जरूरत से ज्यादा उलझ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हार्दिक गेंद और बल्ले दोनों से ही असाधारण योगदान देते हैं और उनकी जगह रातों-रात किसी अन्य खिलाड़ी को तैयार करना संभव नहीं है। गावस्कर ने कहा कि यदि हार्दिक जैसा सटीक विकल्प नहीं मिल रहा है, तो टीम को उन खिलाड़ियों पर भरोसा जताना चाहिए जो थोड़ा अलग कौशल रखते हों। उन्होंने नमन धीर की तारीफ करते हुए कहा कि वह गेंदबाजी में तो अच्छा कर ही रहे हैं, साथ ही बल्लेबाजी में भी अपनी उपयोगिता साबित कर रहे हैं।

पुजारा ने स्पिन गेंदबाजों के चयन पर दी अहम सलाह

भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भी टीम के गेंदबाजी संयोजन को लेकर अपनी महत्वपूर्ण राय जाहिर की है। पुजारा के अनुसार, टीम प्रबंधन को अपने स्पिन गेंदबाजों की भूमिका पूरी तरह स्पष्ट करनी होगी और खिलाड़ियों को यह विश्वास दिलाना होगा कि वे भविष्य की योजनाओं का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि यदि मैदान की बाउंड्री छोटी हों, तो हर स्थिति में कुलदीप यादव को मैदान पर नहीं उतारा जा सकता। पुजारा का मानना है कि वरुण चक्रवर्ती के साथ-साथ कुलदीप यादव और रवि बिश्नोई में से किसी एक को निरंतरता के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है ताकि उनका आत्मविश्वास बना रहे।

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