नम आंखें, भावुक शब्द और यादगार सफर… अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा

नई दिल्ली| विदेशों में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयां देने वाले देश के बेहतरीन बल्लेबाजों में शुमार अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। मुंबई के डोंबिवली से अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत करने वाले 38 वर्षीय रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उनके लिए आगे बढ़ने और खेल को अलविदा कहने का यही सही समय है। अपने शानदार करियर के दौरान उन्होंने भारत के लिए कुल 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।
शानदार कप्तानी और ऐतिहासिक जीत
भले ही अजिंक्य रहाणे को कभी लंबे समय के लिए पूर्णकालिक (फुल-टाइम) कप्तान नहीं बनाया गया, लेकिन टेस्ट कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार और स्वर्णिम रहा है। उन्होंने जिन मैचों में कप्तानी की, उनमें से चार मुकाबलों में टीम को जीत मिली और दो मुकाबले ड्रॉ रहे। कम से कम पांच टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी करने वाले कप्तानों में उनका जीत का प्रतिशत सबसे बेहतरीन रहा है। उनके नेतृत्व में ही भारतीय टीम ने मेलबर्न और गाबा के मैदान पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करके क्रिकेट जगत में इतिहास रचा था।
डोंबिवली से लेकर देश के लिए खेलने तक का सफर
संन्यास की घोषणा करते हुए अजिंक्य रहाणे ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने कहा, 'डोंबिवली से प्रैक्टिस के लिए लोकल ट्रेनों में आने-जाने वाले शुरुआती दिनों से लेकर भारत की कैप पहनने तक, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया है। मैंने हमेशा एक ही नियम का पालन किया कि देश और टीम को हमेशा अपने से ऊपर रखा। मैंने पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला है और मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि यदि आपकी नीयत साफ है, तो खेल आपका हमेशा साथ देता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'एक युवा खिलाड़ी के तौर पर मुंबई से सफर शुरू कर देश के लिए खेलना मेरे लिए सबसे बड़े सम्मान की बात रही है। इस दौरान कई जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ा, लेकिन खेल की यादें और खुशियां ही मेरे करियर की सबसे बड़ी पूंजी हैं।'
परिवार, बोर्ड और प्रशंसकों का आभार
अपने विदाई संदेश में रहाणे ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA), अपने सभी साथियों, कोचों, आईपीएल फ्रेंचाइजी, अपनी पत्नी राधिका और पूरे परिवार का दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने उन तमाम क्रिकेट प्रशंसकों का भी आभार जताया जिन्होंने उनके करियर के हर उतार-चढ़ाव में उनका साथ दिया।
रहाणे ने अपने नाम का अर्थ समझाते हुए कहा, ''अजिंक्य' का मतलब होता है जिसे हराया न जा सके, लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार का स्वाद भी चखाया है। एक खिलाड़ी के तौर पर हम सफल होने से ज्यादा बार असफल होते हैं, गलतियां भी होती हैं, लेकिन एक जगह ऐसी है जहां मैं कभी नहीं हारा—और वह है आपके दिल में। आपके अपार प्यार और समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।'
