थलपति विजय ने खोला CM बनने के बाद स्टाइल का राज, काले-सफेद कपड़ों का कारण बताया

तिरुचिरापल्ली: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख 'थलापति' विजय मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। कभी अपने फैसलों, कभी कड़े एक्शन तो कभी अपने पहनावे को लेकर वह चर्चा का विषय रहते हैं। इस बीच, विजय ने अपने सबसे चर्चित 'ब्लैक-एंड-व्हाइट' (काला कोट और सफेद शर्ट) लुक को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर पहली बार खुलकर जवाब दिया है।
तिरुचिरापल्ली में आयोजित एक विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि मैं हमेशा इसी पोशाक में क्यों नजर आता हूँ? अब समय आ गया है कि जनता इसके पीछे की असली वजह जान ले।
कपड़ों के रंग में छिपा है राजनीति का संदेश
अपने खास पहनावे की वजह बताते हुए मुख्यमंत्री विजय ने इसे अपनी राजनीतिक विचारधारा और स्पष्टता से जोड़ा:
सही और गलत का अंतर: विजय ने कहा कि जिस तरह उनके कपड़ों में केवल काला और सफेद रंग ही साफ दिखाई देता है, ठीक उसी तरह वह अपनी राजनीति में भी पूरी स्पष्टता चाहते हैं। उनके लिए काला और सफेद रंग 'सही और गलत' के बीच के स्पष्ट अंतर का प्रतीक है।
समझौतों से दूरी: उन्होंने साफ किया कि वह राजनीति में मौजूद धुंधलेपन (ग्रे शेड्स) और अवसरवादी समझौतों से हमेशा दूरी बनाकर रखना चाहते हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही: मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक सत्ता में पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है। उनका यह लुक इस बात का संकेत है कि उनकी सरकार बिना किसी छिपे हुए एजेंडे के काम करेगी और जनता के सामने हर बात बिल्कुल साफ रखेगी।
विपक्ष पर साधा निशाना: 'तमिलनाडु में नए दौर की शुरुआत'
रैली के दौरान थलापति विजय ने राज्य के विपक्षी दलों पर भी तीखे तीर चलाए। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु की सियासत में अब एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है:
पुरानी शैली का विकल्प: विजय ने कहा कि उनकी पार्टी (TVK) खुद को राज्य की पुरानी और पारंपरिक राजनीतिक शैली के एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रही है।
द्रमुक-अन्नाद्रमुक पर हमला: उन्होंने राज्य के दो बड़े राजनीतिक दलों—डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि तमिलनाडु की जनता अब बदलाव के पक्ष में अपना फैसला दे चुकी है और पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़ चुकी है।
बयान के मायने: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की वेशभूषा को जहां उनके समर्थक एक नई और विशिष्ट राजनीतिक पहचान के रूप में देख रहे थे, वहीं विजय ने खुद यह स्पष्ट कर दिया है कि उनके कपड़ों का संदेश भी उनकी भावी राजनीति की तरह ही सीधा, साफ और व्यावहारिक है।
