भगिनी प्रसूति सहायता योजना बनी मातृत्व सुरक्षा और बच्चों के बेहतर भविष्य का सहारा

रायपुर :  शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उनके जीवन में सुरक्षा और आत्मविश्वास की नई उम्मीद जगा रही हैं। श्रमिक परिवारों की महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली भगिनी प्रसूति सहायता योजना इसका एक उदाहरण है। योजना के अंतर्गत बस्तर जिले की जगदलपुर निवासी पुष्पलता यादव को दूसरे प्रसव पर 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने इस राशि को अपने बच्चों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य के लिए बचाकर रखा है।

     पुष्पलता यादव एक साधारण श्रमिक परिवार से हैं। उनके पति ट्रक चालक के रूप में कार्य करते हैं, जबकि पुष्पलता स्वयं घर पर सिलाई का काम करने के साथ मजदूरी कर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सहयोग करती हैं। सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में भगिनी प्रसूति सहायता योजना से मिली आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी है।

      पुष्पलता बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें इस योजना के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। एक दिन किसी आवश्यक कार्य से कलेक्टर कार्यालय जाने पर उन्हें भगिनी प्रसूति सहायता योजना के बारे में पता चला। इसके बाद उन्होंने स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग और मार्गदर्शन से उनका श्रमिक पंजीयन कराया गया तथा श्रमिक कार्ड बनने के बाद योजना के अंतर्गत उन्हें 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।

पुष्पलता ने बताया कि उन्होंने सहायता राशि को तत्काल खर्च करने के बजाय अपने बच्चों के भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि यह बचत आने वाले समय में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व के समय मिलने वाली आर्थिक सहायता श्रमिक परिवारों की महिलाओं के लिए बड़ी राहत है। इससे माताओं को अपनी और नवजात शिशुओं की देखभाल तथा पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है।

योजना का लाभ मिलने से उत्साहित पुष्पलता अब अपने आसपास की अन्य पात्र महिलाओं को भी इसके प्रति जागरूक कर रही हैं। वे महिलाओं को श्रमिक पंजीयन कराने, आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से योजना की जानकारी प्राप्त कर आवेदन करने के लिए प्रेरित करती हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।

पुष्पलता ने आर्थिक सहायता मिलने पर शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह राशि उनके लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य की एक नई उम्मीद है।

भगिनी प्रसूति सहायता योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक संबल मिल रहा है। पुष्पलता यादव की कहानी दर्शाती है कि शासन की योजनाओं की सही जानकारी और समय पर मिलने वाली सहायता जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ उन्हें भविष्य के प्रति अधिक आश्वस्त बना सकती है।

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