पटना में बवाल ऐसा कि रेल आईजी को गन निकालकर संभालना पड़ा मोर्चा

पटना। राजधानी पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर रविवार की सुबह-सुबह हुए भारी बवाल से पूरा स्टेशन परिसर दहल उठा। मद्य निषेध विभाग भर्ती परीक्षा में शामिल होने आए सैकड़ों छात्रों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने न सिर्फ रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया, बल्कि ट्रेनों के ऊपर चढ़कर जमकर हंगामा किया। उग्र छात्रों ने स्टेशन परिसर पर भारी रोड़ेबाजी भी की, जिससे वहां मौजूद आम यात्रियों में दहशत फैल गई। हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि खुद रेल आईजी को हाथ में गन लेकर मोर्चा संभालना पड़ा।
इस पूरे बवाल की मुख्य वजह ट्रेनों की कमी और उनके परिचालन में हुई देरी को बताया जा रहा है। दरअसल, राज्य के कोने-कोने से सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर जुटे थे। छात्र परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचने के लिए ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच ट्रेन के विलंब होने की सूचना मिलते ही अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। पटना के जिलाधिकारी डॉक्टर त्यागराजन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रशासन और रेलवे की ओर से अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई थी। दो स्पेशल ट्रेनें पहले से ही स्टेशन पर मौजूद भी थीं। वहीं, आईजी जीतेंद्र राणा ने बताया कि पहली पाली की परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र न पहुंच पाने की गंभीर चिंता सता रही थी, जिसके कारण अचानक यह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।गुस्साए छात्र रेलवे ट्रैक पर उतर आए और मांग करने लगे कि उन्हें परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए तुरंत अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया जाए। छात्रों के इस ट्रैक जाम और प्रदर्शन की वजह से कई अन्य नियमित ट्रेनों का संचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया और रेल सेवा बुरी तरह चरमरा गई। स्टेशन परिसर के पास दुकान चलाने वाले स्थानीय दुकानदार संजय कुमार ने बताया कि परीक्षा देने के लिए बहुत बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे थे, लेकिन परीक्षार्थियों की भारी भीड़ के मुकाबले ट्रेनों की संख्या बेहद कम थी, जिससे छात्रों का धैर्य टूट गया। नाराज छात्रों ने एक ट्रेन का रास्ता रोक दिया और उसे आगे नहीं बढ़ने दिया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, हालात उस वक्त और ज्यादा बिगड़ गए जब प्रशासन की टीम छात्रों को समझाने-बुझाने पहुंची। छात्र किसी भी कीमत पर रेलवे ट्रैक से हटने को तैयार नहीं थे। पुलिस प्रशासन ने पहले उन्हें शांतिपूर्वक हटने की चेतावनी दी, लेकिन जब छात्र नहीं माने तो पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। बल प्रयोग से प्रदर्शनकारी छात्र और भी उग्र हो गए। उग्र छात्रों ने ट्रेन में तोड़फोड़ शुरू कर दी और पूरे स्टेशन परिसर को निशाना बनाकर पथराव (रोड़ेबाजी) शुरू कर दिया।
इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने और उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठियां चटकानी पड़ीं। खुद आईजी जीतेंद्र राणा हाथ में गन लेकर मोर्चा संभालते और छात्रों को नियंत्रित करते नजर आए। इस दौरान स्टेशन परिसर में काफी देर तक अफरातफरी और भगदड़ की स्थिति बनी रही, जिससे आम यात्रियों को घंटों तक खौफ के साए में बिताना पड़ा। इस हिंसक हंगामे और पथराव में रेल आईजी समेत कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। इस पूरी घटना के बाद पुलिस प्रशासन का कहना है कि छात्रों के इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व घुस आए थे। इन्हीं उपद्रवियों ने प्रदर्शन को हिंसक रूप दिया और माहौल बिगाड़ने की साजिश रची। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फुटेज के आधार पर इन असामाजिक तत्वों की पहचान की जा रही है और जल्द ही मामला दर्ज कर सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
