गुजरात की धरती ने भारत को दिया योग्य प्रधानमंत्री : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

राजकोट: गुजरात के राजकोट में आयोजित एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश की राजनीति, स्वास्थ्य सेवा, संस्कृति और आधुनिक तकनीक जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि गुजरात की धरती ने देश को केवल व्यापार और बिजनेस की नई दिशा ही नहीं दी है, बल्कि एक ऐसा मजबूत नेतृत्व भी दिया है जिसने आज पूरी दुनिया में भारत को एक नई और गौरवान्वित पहचान दिलाई है. उनके इस बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.

बागेश्वर धाम कैंसर अस्पताल के भूमिपूजन और उद्घाटन में शामिल होंगे पीएम मोदी

राजकोट में मीडिया से बातचीत करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम में बनने वाले प्रस्तावित कैंसर अस्पताल को लेकर कुछ समय पहले उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी चर्चा हुई थी. इस पर प्रधानमंत्री ने बेहद सकारात्मक रुख दिखाया था. शास्त्री के अनुसार, पीएम मोदी ने उनसे वादा किया है कि वे इस कैंसर अस्पताल का भूमिपूजन भी करेंगे और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसके उद्घाटन समारोह में भी खुद शामिल होंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री के इस आश्वासन को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और जनहित के प्रति उनकी बड़ी प्रतिबद्धता का एक बड़ा उदाहरण बताया.

भाषणों से नहीं, जमीन पर काम करने से होगी जनसेवा: शास्त्री

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समाज सेवा और राजनीति को लेकर अपना नजरिया साफ किया. उन्होंने कहा कि समाज की सेवा केवल मंचों से भाषण देने से नहीं होती, बल्कि इसके लिए जमीन पर उतरकर काम करना पड़ता है. उन्होंने भरोसा जताया कि बागेश्वर धाम का यह कैंसर अस्पताल गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक वरदान साबित होगा, जिन्हें इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ता है. इसके साथ ही उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य राजनीति में आना बिल्कुल नहीं है. खुद को एक 'धर्मवक्ता' बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका काम समाज को सही रास्ता दिखाना और लोगों को अच्छे विचारों से जोड़ना है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि लोकतंत्र में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इसमें हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए; केवल आपसी सम्मान और स्वस्थ संवाद ही देश को मजबूत बना सकते हैं.

तकनीक के दौर में AI के साथ 'HI' (हिंदू इंटेलिजेंस) की भी जरूरत

कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम सरकार ने धर्मांतरण, आधुनिक तकनीक और अपनी संस्कृति को लेकर युवाओं को एक नया संदेश दिया. दक्षिण गुजरात में हो रहे धर्मांतरण पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाने के लिए सामाजिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने होंगे. आज के डिजिटल युग पर बोलते हुए उन्होंने एक दिलचस्प बात कही. उन्होंने कहा कि दुनिया भले ही आज तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तरफ भाग रही हो, लेकिन इसके साथ-साथ इंसानी मूल्यों और सांस्कृतिक समझ का होना भी बेहद जरूरी है. इसी संदर्भ में उन्होंने एक नया विचार देते हुए कहा कि आज देश को AI के साथ-साथ 'HI' यानी "हिंदू इंटेलिजेंस" की भी जरूरत है, जिसका सीधा मतलब अपनी सांस्कृतिक चेतना, जड़ों और जीवन मूल्यों को याद रखना है. उन्होंने साफ किया कि वे किसी व्यक्ति विशेष की पूजा का समर्थन नहीं करते, बल्कि लोगों को भगवान हनुमान की भक्ति और सकारात्मक जीवन से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं.

 

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