देश की नजर 5 राज्यों पर, आज आएंगे पश्चिम बंगाल से तमिलनाडु तक के नतीजे

नई दिल्ली: देश के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम सोमवार को घोषित किए जाएंगे। सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली इस मतगणना पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले का सबसे बड़ा 'पॉलिटिकल लिटमस टेस्ट' माना जा रहा है। कुल 824 सीटों पर हुए इस चुनावी घमासान के नतीजे न केवल राज्यों की सत्ता तय करेंगे, बल्कि भविष्य की राजनीति का मार्ग भी प्रशस्त करेंगे।

त्रिकोणीय मुकाबले और एग्जिट पोल के चौंकाने वाले अनुमान

चुनावों के रुझान आने से पहले ही एग्जिट पोल ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, जिसमें पश्चिम बंगाल में भाजपा को बढ़त और केरल में सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी की गई है। बंगाल में ममता बनर्जी की साख दांव पर है, जहाँ वे चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की जद्दोजहद में हैं, वहीं तमिलनाडु में 'टीवीके' जैसी नई पार्टी की मौजूदगी ने मुकाबले को और भी पेचीदा बना दिया है। असम में भाजपा अपनी तीसरी पारी के लिए आश्वस्त दिख रही है, जबकि केरल का इतिहास रहा है कि वहां हर पांच साल में जनता सरकार बदल देती है, जिससे इस बार कांग्रेस नीत यूडीएफ की उम्मीदें जाग गई हैं।

सुरक्षा के अभेद्य घेरे में होगी मतों की गिनती

चुनाव आयोग ने मतगणना प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए काउंटिंग सेंटर्स पर 'थ्री-लेयर' सुरक्षा कवच तैयार किया है, जिसमें क्यूआर कोड स्कैनिंग के बिना प्रवेश वर्जित रहेगा। अकेले पश्चिम बंगाल में 77 केंद्रों पर वोटों की गिनती होगी, जिसकी शुरुआत सुबह 8 बजे पोस्टल बैलेट से की जाएगी और उसके आधे घंटे बाद ईवीएम के पिटारे खोले जाएंगे। आयोग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी और मानवीय जांच के कई स्तर बनाए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

रिकॉर्ड मतदान और विधायकों की साख का इम्तिहान

इस बार के चुनाव में पश्चिम बंगाल ने 92 प्रतिशत से अधिक मतदान कर एक नया इतिहास रचा है, जिसे विश्लेषक प्रवासी मजदूरों की घर वापसी का प्रभाव मान रहे हैं। चुनावी आंकड़ों का विश्लेषण दिलचस्प है क्योंकि केरल में मौजूदा विधायकों की जीत की दर 79 प्रतिशत तक रहती है, जबकि तमिलनाडु में यह मात्र 50 प्रतिशत है, जिससे वहां कांटे की टक्कर की संभावना अधिक रहती है। उल्लेखनीय है कि बंगाल की फालता सीट पर हिंसा और ईवीएम की खराबी के कारण अब 21 मई को दोबारा मतदान होगा, जिसका परिणाम 24 मई को आएगा। अब देखना यह है कि रिकॉर्ड वोटिंग और एंटी-इनकंबेंसी के बीच जनता किसे राजतिलक लगाती है।

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