नॉर्वे के स्वालबार्ड द्वीप का अनोखा कानून, न जन्म की इजाजत, न मौत की

ओस्लो। आर्कटिक महासागर के सुदूर बर्फीले इलाके में स्थित नॉर्वे का स्वालबार्ड द्वीप अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ दुनिया के सबसे अनोखे और अजीबोगरीब कानूनों के लिए जाना जाता है। बर्फ से ढके पहाड़ों और चमचमाते ग्लेशियरों से घिरे इस द्वीप को 'जन्नत' तो कहा जाता है, लेकिन यहाँ की रहस्यमयी जीवनशैली और कड़े नियम इसे पूरी दुनिया में सबसे अलग बना देते हैं। यहाँ धरातल पर न तो किसी को मरने की इजाजत है और न ही किसी बच्चे को जन्म देने की।
बिना वीजा एंट्री, लेकिन नियम हैं बेहद सख्त
स्वालबार्ड की एक बड़ी विशेषता यह है कि दुनिया के कई देशों के नागरिक यहाँ बिना किसी वीजा के आ सकते हैं। हालांकि, द्वीप पर कदम रखते ही यहाँ के सख्त स्थानीय नियमों का पालन करना हर किसी के लिए अनिवार्य हो जाता है। यही कारण है कि यह द्वीप न केवल पर्यटकों को आकर्षित करता है, बल्कि अपने अद्भुत सामाजिक नियमों के कारण हमेशा वैश्विक चर्चा में बना रहता है।
मरने पर क्यों है पाबंदी? जानिए इसके पीछे का विज्ञान
स्वालबार्ड में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने पर शव को वहीं दफनाने की सख्त मनाही है। इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक वजह है। यहाँ साल भर इतनी भीषण ठंड पड़ती है कि जमीन हमेशा बर्फ से जमी रहती है (जिसे पेरमाफ्रॉस्ट कहा जाता है)। इस अत्यधिक ठंड के कारण दफनाए गए शव सदियों तक प्राकृतिक रूप से गल या सड़ नहीं पाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि शवों के नष्ट न होने से सदियों पुराने खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया भी सुरक्षित रह सकते हैं, जो भविष्य में किसी बड़ी महामारी का रूप लेकर इंसानी आबादी के लिए खतरा बन सकते हैं।
इसी खतरे को देखते हुए नियम बनाया गया है कि यदि कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार होता है या उसकी हालत नाजुक होती है, तो उसे तुरंत हवाई मार्ग से नॉर्वे की मुख्य भूमि (मेनलैंड) पर भेज दिया जाता है, ताकि उसका इलाज और अंतिम संस्कार वहीं हो सके।
गर्भवती महिलाओं को छोड़ना पड़ता है द्वीप
सिर्फ मौत ही नहीं, बल्कि स्वालबार्ड की धरती पर बच्चे को जन्म देना भी संभव नहीं है। सुदूर क्षेत्र में होने के कारण यहाँ कोई आधुनिक मैटरनिटी (प्रसूति) या डिलीवरी अस्पताल मौजूद नहीं है। आपातकालीन स्थितियों में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, जैसे ही किसी गर्भवती महिला की डिलीवरी का समय नजदीक आता है, उसे प्रसव से कुछ हफ्ते पहले ही अनिवार्य रूप से नॉर्वे के मेनलैंड भेज दिया जाता है, जहां सुरक्षित अस्पतालों में बच्चे का जन्म होता है।
इंसानों से ज्यादा पोलर बियर और बंदूकों का साया
इस द्वीप की एक और हैरान करने वाली हकीकत यह है कि यहाँ इंसानों की तुलना में ध्रुवीय भालुओं (पोलर बियर) की आबादी कहीं ज्यादा है। खूंखार भालुओं के खतरे के कारण यहाँ के नागरिक जब भी घरों या शहर की सीमा से बाहर निकलते हैं, तो आत्मरक्षा के लिए अपने साथ राइफल या बंदूक जैसा हथियार जरूर रखते हैं। बिना सुरक्षा या हथियार के द्वीप के कई इलाकों में जाना बेहद खतरनाक और जानलेवा माना जाता है।
शराब की खरीदी पर भी है कोटा सिस्टम
कठिन भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण यहाँ कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शराब की बिक्री पर भी सख्त नियंत्रण लागू है। यहाँ रहने वाले हर नागरिक और पर्यटक के लिए शराब खरीदने की एक तय सीमा (कोटा) निर्धारित की गई है, जिससे अधिक मात्रा में शराब की लत और उससे होने वाले हादसों को रोका जा सके।
