दिवाली की खरीदारी के लिए बेस्ट हैं ये 10 शहर, सस्ते बाजारों में मिलेंगी शानदार चीजें

प्रकाश के पावन पर्व दिवाली का त्यौहार समीप आते ही देशभर के मुख्य बाजारों में व्यापारिक रौनक और ग्राहकों की चहल-पहल चरम पर पहुँचने लगती है। अपने सपनों के आशियाने की सजावट से लेकर नए परिधान, पारंपरिक आभूषण, मिट्टी के दीये, सजावटी लाइटें और उपहारों की खरीदारी तक हर नागरिक इस उत्सव की तैयारियों में पूरी तन्मयता से जुट जाता है। यद्यपि त्यौहारों के इस सीजन में बढ़ती महंगाई के बीच अपने तय बजट के भीतर रहते हुए गुणवत्तापूर्ण खरीदारी करना एक बड़ी चुनौती साबित होता है। ऐसे में देश के विभिन्न महानगरों और प्रमुख शहरों में स्थित प्रसिद्ध किफायती बाजार एक बेहतर और सुलभ विकल्प बनकर उभरते हैं।
उत्तरी और पश्चिमी भारत के प्रसिद्ध किफायती व्यापारिक केंद्र
दिवाली और धनतेरस की खरीदारी के लिए देश की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक चांदनी चौक बाजार अत्यंत लोकप्रिय है, जहां थोक और खुदरा दामों में परिधान, साड़ियां, कृत्रिम आभूषण और पूजा सामग्री की विशाल श्रृंखला उपलब्ध रहती है। इसी प्रकार मुंबई का प्रसिद्ध क्रॉफर्ड मार्केट सजावटी सामान, आकर्षक लाइट्स और घरेलू बर्तनों की खरीदारी के लिए जाना जाता है। गुलाबी नगरी जयपुर का बापू बाजार अपने पारंपरिक एथनिक कपड़ों, हस्तशिल्प और राजस्थानी जूतियों के लिए प्रसिद्ध है, जबकि गुजरात के अहमदाबाद में स्थित लाल दरवाजा बाजार किफायती कपड़ों, आधुनिक फैशन एक्सेसरीज और घरेलू सामानों का बड़ा केंद्र माना जाता है।
मध्य और पूर्वी भारत के लोकप्रिय फेस्टिव शॉपिंग हब
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का ऐतिहासिक अमीनाबाद बाजार अपनी मशहूर चिकनकारी साड़ियों, परिधानों और आभूषणों के लिए जाना जाता है, जहां दिवाली के मौके पर ग्राहकों का तांता लगा रहता है। वहीं पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित न्यू मार्केट में हर वर्ग और बजट के अनुसार कपड़े, बैग, कॉस्मेटिक्स और उपहार सामग्रियां आसानी से मिल जाती हैं। बिहार की राजधानी पटना का हथुआ मार्केट परिधानों व फुटवियर के किफायती विकल्पों के लिए विख्यात है, जबकि धार्मिक नगरी वाराणसी का ऐतिहासिक ठठेरी बाजार धनतेरस और दिवाली पर पीतल के बर्तनों तथा पूजा के पारंपरिक बर्तनों की खरीदारी का सबसे प्रमुख केंद्र माना जाता है।
दक्षिण भारत के प्रसिद्ध पारंपरिक बाजार और खरीदारी की विशेषताएं
दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों में भी दिवाली के अवसर पर बाजारों की रौनक देखते ही बनती है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का ऐतिहासिक लाड बाजार विशेष रूप से अपनी विश्वप्रसिद्ध रंग-बिरंगी चूड़ियों, मोतियों के आभूषणों और पारंपरिक एक्सेसरीज के लिए जाना जाता है। इसके अतिरिक्त कर्नाटक के बेंगलुरु शहर का चिकपेट बाजार रेशमी साड़ियों, पारंपरिक सिल्क फैब्रिक और वैरायटी ड्रेस मटेरियल की खरीदारी के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। ये सभी प्रांतीय बाजार न केवल आम जनमानस की बजट संबंधी जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि त्यौहार के उल्लास को भी कई गुना बढ़ा देते हैं।
