मानसून में घूमने के लिए परफेक्ट हैं मुंबई और पुणे के आसपास की ये जगहें

मुंबई: महाराष्ट्र राज्य में पर्यटकों के लिए प्रकृति के अद्भुत नजारों का अनुभव करने के लिए अनेक खूबसूरत जगहें मौजूद हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के खतरों को देखते हुए महाराष्ट्र के कुछ सुरक्षित पर्यटन स्थल मानसून के दौरान यात्रा के लिए शानदार विकल्प बनकर उभरते हैं। मानसून की दस्तक के साथ ही इन इलाकों में प्रकृति का सौंदर्य अपने चरम पर पहुंच जाता है। ठंडी हवाएं, चारों तरफ फैली मखमली हरियाली और मनमोहक दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। मुंबई और पुणे के आसपास स्थित ये स्थान अपनी घनी हरियाली, मनमोहक झरनों, ऐतिहासिक दुर्गों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध हैं, जो प्रकृति प्रेमियों को एक कभी न भूलने वाला अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं।

लोनावला की हसीन वादियां और कोलाड का रोमांच

महाराष्ट्र का लोनावला वर्षों से देश-दुनिया के पर्यटकों की पहली पसंद रहा है। बरसात के मौसम में यहां का वातावरण किसी खूबसूरत पेंटिंग जैसा दिखाई देता है, जहां पहाड़ियों पर फैली हरियाली, बादलों की लुकाछिपी और चारों ओर बहते झरने हर किसी का मन मोह लेते हैं। यहां की तुंगरली झील, भूशी बांध, राजमाची दुर्ग और कुने जलप्रपात जैसे प्रमुख आकर्षण सैलानियों को नौकायन और पैदल यात्रा (ट्रेकिंग) का बेहतरीन आनंद देते हैं, यही वजह है कि सप्ताहांत (वीकेंड) में यहां भारी भीड़ उमड़ती है। वहीं दूसरी ओर, मुंबई से करीब ढाई घंटे की दूरी पर स्थित कोलाड भी मानसून पर्यटन के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के साथ-साथ रोमांच पसंद करने वाले युवाओं को बहुत रास आता है। बरसात के दिनों में यहां के झरने और नदी क्षेत्र विशेष रूप से खिल उठते हैं। ताम्हिनी घाट के अद्भुत प्राकृतिक दृश्य, भीरा बांध का शांत वातावरण और देवकुंड जलप्रपात यहां की प्रमुख पहचान हैं, जहां सड़क और रेल दोनों मार्गों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

इगतपुरी की मानसिक शांति और महाबलेश्वर का जादुई वातावरण

शहर की भागदौड़ और भीड़भाड़ से दूर इगतपुरी का इलाका मानसून में अत्यंत आकर्षक और जीवंत हो उठता है। मुंबई और पुणे दोनों शहरों से बेहद सुविधाजनक दूरी पर स्थित यह क्षेत्र घने बादलों से घिरी ऊंची पहाड़ियों, हरे-भरे मैदानों और अपने शांत वातावरण से पर्यटकों को मानसिक शांति का अहसास कराता है। यहां की भात्सा नदी घाटी, त्रिंगलवाड़ी दुर्ग और महाराष्ट्र का सबसे ऊंचा कलसुबाई शिखर प्रमुख आकर्षण हैं, जो प्रकृति की फोटोग्राफी करने वालों और पैदल यात्रा के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं। इसी कड़ी में महाबलेश्वर भी महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय पर्वतीय स्थलों में से एक माना जाता है। सालभर सैलानियों से गुलजार रहने वाला यह स्थान बरसात के दिनों में अपनी सुंदरता के चरम पर होता है। बादलों से ढकी पहाड़ियां, घने धुंधले जंगल और बहने वाली ठंडी हवाएं यहां के पूरे माहौल को जादुई बना देती हैं। यहां के ऊंचे व्यू पॉइंट्स से दिखने वाले प्राकृतिक नजारे मानसून में विशेष आकर्षण रखते हैं, जब चारों ओर हरियाली और कोहरे का एक अनोखा संगम देखने को मिलता है।

करनाला पक्षी अभयारण्य और ऐतिहासिक दुर्ग की सैर

रायगढ़ जिले में स्थित करनाला क्षेत्र आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन यह प्राकृतिक संपदा से पूरी तरह भरपूर है। यहां का प्रसिद्ध करनाला पक्षी अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीवों में रुचि रखने वाले लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। घने जंगलों के बीच से होते हुए करनाला दुर्ग तक की रोमांचक पैदल यात्रा पर्यटकों को एक यादगार और साहसिक अनुभव देती है। मानसून के इस सुहावने मौसम में यह पूरा क्षेत्र फोटोग्राफी, पक्षियों को निहारने और प्रकृति का करीब से अवलोकन करने के लिए सबसे बेहतरीन और मुफीद माना जाता है।

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