मदन राठौड़ के व्यवहार पर बिफरे टीकाराम जूली: भाजपा पर लगाया महिलाओं के अपमान का गंभीर आरोप

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में वार-पलटवार का दौर एक बार फिर चरम पर है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के व्यवहार को लेकर तीखा हमला बोला है। जूली ने इस व्यवहार को राजस्थान की गौरवशाली परंपरा और नारी गरिमा के विरुद्ध करार देते हुए भाजपा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
इस राजनीतिक विवाद के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
भाजपा के 'नारी सम्मान' के दावों पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा 'नारी शक्ति' और उनके सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें करती है, वहीं दूसरी ओर उनके शीर्ष नेताओं का सार्वजनिक आचरण इसके बिल्कुल विपरीत है। जूली के अनुसार, जिस तरह प्रदेश अध्यक्ष ने एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के साथ व्यवहार किया और उसे बीच में छोड़कर चले गए, वह उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है।
'अपमानजनक और अस्वीकार्य' व्यवहार
सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए जूली ने इस घटना को निंदनीय और अपमानजनक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए।
सत्ताधारी दल के अध्यक्ष का ऐसा व्यवहार समाज में एक गलत संदेश भेजता है।
भाजपा के भीतर महिलाओं के प्रति नजरिया संकीर्ण और उपेक्षापूर्ण बना हुआ है।
नैतिकता पर प्रहार और जवाबदेही की मांग
जूली ने अपने बयान में कहा कि जनता अब भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को पहचान चुकी है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि जिस पार्टी के नेतृत्व में ही महिलाओं के प्रति सम्मान का अभाव हो, उसे नैतिकता का पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने भाजपा आलाकमान से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण पर वे अपना रुख स्पष्ट करें और संबंधित नेताओं की जिम्मेदारी तय करें।
यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब राजस्थान में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और विपक्षी दल कांग्रेस, भाजपा को घेरने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहती। फिलहाल, भाजपा की ओर से इस तीखे हमले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
