कोर्ट परिसर में दर्दनाक हादसा, दीवार ढहने से मचा हड़कंप; 2 की मौत, कई घायल

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित रामपुर नैकिन न्यायालय परिसर में सोमवार शाम एक बेहद दर्दनाक और भयानक हादसा पेश आया। तेज मूसलाधार बारिश से बचने के लिए न्यायालय परिसर के भीतर एक भवन की जर्जर दीवार के पास खड़े हुए कुछ लोगों पर अचानक वह पुरानी दीवार भरभराकर ढह गई। इस मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई।
मूसलाधार बारिश के कारण ढही जर्जर दीवार
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 4 बजे न्यायालय परिसर में विभिन्न न्यायिक कार्यों और मुकदमों के सिलसिले में बड़ी संख्या में लोग आए हुए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कुछ लोग वहां बने एक पुराने भवन की दीवार की आड़ लेकर खड़े हो गए। तभी अचानक वह जर्जर दीवार कमजोर होकर भरभराकर उन लोगों पर आ गिरी। इस मलबे की चपेट में चार लोग आ गए, जिनमें से दो लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, दो गंभीर घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
राहत और बचाव कार्य जारी, कई लोगों के दबे होने की आशंका
हादसे की सूचना मिलते ही रामपुर नैकिन के एसडीएम, तहसीलदार और स्थानीय थाना प्रभारी समेत भारी पुलिस बल और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। प्रशासन ने फौरन राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भी मदद ली जा रही है।
प्रशासन को इस बात की आशंका है कि दीवार के इस बड़े मलबे के नीचे कुछ और लोग भी दबे हो सकते हैं। इसी अंदेशे के चलते बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है और देर शाम तक मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी रहा।
मृतकों की शिनाख्त के प्रयास में जुटा प्रशासन
फिलहाल इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों और घायलों की पहचान नहीं हो सकी है। प्रशासन उनकी शिनाख्त कराने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ कर रहा है। शुरुआती तौर पर यह माना जा रहा है कि लगातार हो रही भारी बारिश और भवन के पुराना तथा जर्जर होने के कारण दीवार कमजोर हो गई थी, जो अचानक ढह गई। इस दर्दनाक घटना ने न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और पुराने जर्जर भवनों के रख-रखाव पर बहुत गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
