राजस्थान में तेज रफ्तार ट्रेन का ट्रायल, 121 किमी/घंटा की स्पीड से होगा परीक्षण

धौलपुर। बहुप्रतीक्षित धौलपुर-सरमथुरा रेल परियोजना के तहत धौलपुर जंक्शन से गढ़ी सांधरा स्टेशन तक बिछाई गई नई रेल लाइन का रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) निरीक्षण 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इस नवनिर्मित सेक्शन पर सुरक्षा मानकों की जांच के लिए ट्रायल के तौर पर एक विशेष ट्रेन 121 किलोमीटर प्रति घंटा की तीव्र गति से चलाई जाएगी। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर आमजन से अपील की है कि वे ट्रायल के दौरान रेलवे ट्रैक और उसके आसपास जाने से पूरी तरह बचें।
स्टेशन क्षेत्र में विकास कार्य और मार्ग सुधार
निरीक्षण को लेकर धौलपुर रेलवे स्टेशन पर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। नए प्लेटफॉर्म के पीछे के हिस्से में तेजी से कार्य किया जा रहा है। पूर्व में बने सड़कनुमा मार्ग के पास मिट्टी डालकर उस स्थान को ऊंचा उठाया जा रहा है, ताकि पुरानी भारती टॉकीज की तरफ जाने वाले पुराने रास्ते को सीधा किया जा सके। पुराने ट्रैक पर बने घुमाव और जलभराव वाली खाइयों की समस्या से निजात पाने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है।
समपार फाटकों और सबवे का करें उपयोग
रेलवे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षण के दौरान लोग आवागमन के लिए केवल निर्धारित समपार फाटकों (लेवल क्रॉसिंग) या लिमिटेड हाइट सबवे का ही उपयोग करें। ट्रैक पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करना या उसे पार करना न केवल जानलेवा है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है।
पुलिस लाइन और जिरौली फाटक पर तैयारी
निरीक्षण को ध्यान में रखते हुए पुलिस लाइन के आगे का समपार फाटक लगभग तैयार कर लिया गया है। यहां गिट्टी बिछाकर सीमेंटेड (सीसी) सड़क बनाई गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके। इसी प्रकार जिरौली फाटक के पास भी लिमिटेड हाइट सबवे का निर्माण किया गया है, जो एनएच-44 की सर्विस लेन से जुड़ता है। इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है, जिसके कारण फाटक बंद होने पर वाहन चालकों को ट्रेन निकलने का इंतजार करना होगा।
नए रास्ते का निर्माण कार्य तेज
वर्षा ऋतु के कारण कुछ समय के लिए बाधित हुआ निर्माण कार्य अब दोबारा गति पकड़ चुका है। पुरानी भारती टॉकीज से खलतियों की ओर जाने वाले मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से भारी मात्रा में मिट्टी डालकर नया रास्ता तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही पीजी कॉलेज की तरफ से बनाए जा रहे रास्तों पर भी निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
