AI के मामले में ट्रंप की राय बदली, चीन से प्रभावित तो कनाडा को बताया मुश्किल

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयरलैंड से वापसी के दौरान 'एयर फोर्स वन' विमान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चीन, कनाडा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और व्यापारिक नीतियों समेत कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक विषयों पर खुलकर विचार साझा किए।
चीन के साथ संबंध और जासूसी पर बयान
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के व्यवहार को उचित बताते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने भी चीन के साथ उचित व्यवहार किया है। चीन द्वारा अमेरिका की जासूसी किए जाने के सवाल पर उन्होंने बेबाकी से स्वीकार किया कि चीन अमेरिका की जासूसी करता है, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि अमेरिका भी चीन की जासूसी करता है। व्यापारिक मोर्चे पर अपनी टैरिफ नीति का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि चीनी सामानों पर 100 से 150 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगाकर उन्होंने अमेरिकी बाजार को चीनी कारों की बाढ़ से बचाया है, जिससे अमेरिका यूरोप जैसी खराब स्थिति में फंसने से बच गया। बोइंग विमानों के सौदे को लेकर उन्होंने विश्वास जताया कि वे इस डील को भी सफलतापूर्वक पूरा कर लेंगे।
कनाडा के साथ कामकाजी रिश्तों पर नाराजगी
रूस और चीन की तुलना करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनसे निपटना उतना मुश्किल नहीं है, जितना कनाडा के साथ काम करना है। उन्होंने कनाडा को सबसे कठिन देश करार दिया, हालांकि वहां के नागरिकों को शानदार बताते हुए स्पष्ट किया कि असली समस्या कनाडा के नेताओं के साथ है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि कनाडा ने लंबे समय तक अमेरिका का आर्थिक फायदा उठाया है, लेकिन अब उनके नेतृत्व में स्थितियां बदल चुकी हैं और कनाडा समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यक्तिगत उपयोग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र पर बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि इस तकनीक में अमेरिका अन्य देशों से काफी आगे है। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वे व्यक्तिगत जीवन में एआई का उपयोग करते हैं, तो उन्होंने इसके इस्तेमाल की बात तो स्वीकार की, लेकिन व्यक्तिगत रूप से वे इसका उपयोग किस काम के लिए करते हैं, यह बताने से साफ इनकार कर दिया।
