तुगलकाबाद अग्निकांड: प्रेम संबंधों में तनाव के बाद भड़की थी आग, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में हुई आगजनी की घटना में पुलिस तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसमें चौंकाने वाले मोड़ सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में जो मामला सिर्फ एक दुर्घटना लग रहा था, वह अब एक सोची-समझी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी के रूप में उभरकर सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस खौफनाक वारदात के पीछे पैसों का लेनदेन और सरेआम हुई बेइज्जती का बदला लेने की सनक छिपी हुई थी, जिसके लिए मुख्य आरोपी महिला सरिता ने यह पूरा जाल बुना था।

ब्याज के पैसों का विवाद और सरेआम हुआ अपमान

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सरिता को उसी बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक नाम के शख्स से ₹80,000 वसूलने थे। बताया जा रहा है कि मूल रूप से यह रकम ₹50,000 थी, जो समय के साथ ब्याज जुड़ने के कारण बढ़कर ₹80,000 तक पहुंच गई थी। इसी सिलसिले में कुछ दिनों पहले सरिता तकादा करने के लिए दीपक के फ्लैट पर पहुंची थी, जहां दीपक ने अपनी पत्नी मुमताज की मौजूदगी में सरिता को काफी भला-बुरा कहा और उसे अपमानित करके वहां से भगा दिया। इस बेइज्जती को सरिता बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसने दीपक को सबक सिखाने की ठान ली।

बॉयफ्रेंड और उसके भाई के साथ मिलकर रची साजिश

अपने साथ हुए इस बर्ताव की कहानी जब सरिता ने अपने बॉयफ्रेंड निरंजन को सुनाई, तो वह गुस्से से तिलमिला उठा। निरंजन ने दीपक से बदला लेने के इरादे से एक प्लान तैयार किया और तय किया कि बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी दीपक की स्कूटी को फूंक दिया जाए। इस काम को अंजाम देने के लिए उसने अपने छोटे भाई राजकुमार को भी इस साजिश का हिस्सा बनाया। इसके बाद राजकुमार ने अपनी एक 17 साल की नाबालिग महिला मित्र को स्कूटी में आग लगाने के काम पर लगा दिया और उसे वारदात वाली जगह पर भेज दिया।

बढ़ती जांच का दायरा और सीसीटीवी फुटेज का सच

शुरुआती तौर पर पुलिस का अनुमान है कि आरोपी सिर्फ स्कूटी को जलाकर सीमित नुकसान पहुंचाना चाहते थे, लेकिन ग्राउंड फ्लोर पर लगी आग इतनी तेजी से भड़की कि उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और यह एक बड़ा हादसा बन गया। अब इस मामले में आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए एफआईआर में और भी कड़क कानूनी धाराएं जोड़ दी गई हैं। वहीं दूसरी तरफ, नाबालिग लड़की के घटनास्थल तक पहुंचने के दावों पर भी सस्पेंस बना हुआ है। सीसीटीवी फुटेज में वह ऑटो से आती हुई दिखाई दे रही है, जबकि सरिता का कहना है कि वह खुद उसे अपनी स्कूटी से वहां छोड़कर आई थी। पुलिस अब सच्चाई का पता लगाने के लिए गोविंदपुरी और गिरी नगर समेत आसपास के सभी रास्तों के कैमरों को खंगालने में जुटी है, क्योंकि मुख्य आरोपी निरंजन का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले भी हत्या जैसे संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

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