Elon Musk की xAI छोड़ OpenAI पहुंचे उदय रुद्दाराजू, अब संभालेंगे CTO की बड़ी जिम्मेदारी

वाशिंगटन। भारतीय मूल के अनुभवी टेक विशेषज्ञ उदय रुद्दाराजू को माइक्रोसॉफ्ट समर्थित प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई में 'चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (सीटीओ), कंप्यूट' के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है। उदय ने स्वयं लिंक्डइन के माध्यम से इस नई जिम्मेदारी की घोषणा की है। पिछले वर्ष जुलाई में ओपनएआई से जुड़ने के बाद, उन्होंने अपनी कार्यक्षमता और तकनीकी कौशल से कंपनी में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
रुद्दाराजू का शैक्षणिक और पेशेवर सफर
उदय रुद्दाराजू की शैक्षिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत रही है। उन्होंने हैदराबाद के चैतन्य भारती इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में बैचलर डिग्री प्राप्त की है। अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) में इंटर्नशिप की थी। उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाने के बाद, उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री पूरी की। उनके करियर की शुरुआत ईबे (eBay) से हुई, जहाँ उन्होंने 2013 से 2018 तक अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने रॉबिनहुड और एलन मस्क की कंपनी एक्सएआई (xAI) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिछले वर्ष वह उन प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल थे, जिन्होंने एक्सएआई छोड़कर ओपनएआई का रुख किया था।
भविष्य की तकनीक और कंप्यूटिंग चुनौतियां
ओपनएआई में अपनी कंप्यूट टीम के साथ उदय लगातार बुनियादी ढांचे की क्षमता विस्तार पर काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में टीम कंप्यूटिंग, नेटवर्किंग, स्टोरेज और मशीन लर्निंग के जटिल सिस्टम्स को विकसित करने में जुटी है, जो 'जीपीटी-5.6' जैसे अत्याधुनिक और भविष्य के एआई मॉडल्स को प्रशिक्षित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उदय का मानना है कि जैसे-जैसे एआई तकनीक का दायरा बढ़ रहा है, चुनौतियां भी जटिल होती जा रही हैं, जिसके लिए हर स्तर पर नए और नवाचारी प्रयोग करने की आवश्यकता है।
दुनिया का सबसे बड़ा कंप्यूट ढांचा बनाने का रोडमैप
उदय रुद्दाराजू के अनुसार, ओपनएआई का मुख्य उद्देश्य विश्व का सबसे विशाल कंप्यूटिंग ढांचा तैयार करना है, ताकि आधुनिक एआई तकनीक का लाभ हर क्षेत्र और हर व्यक्ति तक पहुंच सके। कंपनी के पास एक व्यापक भविष्य की योजना है, जिसके अंतर्गत बड़े पैमाने पर डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम, हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के साथ ही तकनीकी जगत के शीर्ष विशेषज्ञों की सेवाएं ली जा रही हैं, ताकि एआई के विकास में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके।
