सोनिया आवास पर जुटेगा संयुक्त विपक्ष

नई दिल्ली: संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर देश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मोदी सरकार को विधायी और नीतिगत मोर्चों पर घेरने के लिए विपक्षी गठबंधन ने एक बड़े महामंथन की तैयारी कर ली है। आगामी 16 जुलाई को कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी के दिल्ली स्थित आवास 10 जनपथ पर विपक्ष की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक बैठक बुलाई गई है।

दो-तिहाई बहुमत की मंशा पर ब्रेक लगाने की तैयारी

इस हाई-प्रोफाइल बैठक के पीछे कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य पूरे विपक्ष को एक मजबूत बैनर तले एकजुट करना है। विपक्षी रणनीतिकारों का मानना है कि इस संयुक्त मोर्चे के जरिए दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में सरकार की दो-तिहाई बहुमत हासिल करने और अपनी इच्छा के अनुसार मनमाने विधेयक या संवैधानिक संशोधन पारित कराने की मंशा पर प्रभावी ढंग से ब्रेक लगाया जा सकता है।

इन तीन प्रमुख मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

विपक्षी दलों ने इस सत्र के लिए सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए तीन बेहद संवेदनशील और बड़े मुद्दों को चिन्हित किया है, जिन पर सदन में तीखी बहस होना तय माना जा रहा है:

  • पेपर लीक मामला: हाल ही में देश की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष युवाओं की आवाज बनकर सरकार पर चौतरफा हमला करेगा।

  • ई-20 (इथेनॉल मिश्रण): पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E20) की नीति, इसके क्रियान्वयन और इससे जुड़ी आर्थिक व कृषि संबंधी चिंताओं को लेकर भी सरकार से तीखे सवाल पूछे जाएंगे।

  • चढ़ावा चोरी विवाद: धार्मिक स्थलों या अन्य स्रोतों से जुड़े चढ़ावा चोरी के हालिया मामलों को लेकर भी विपक्ष संसद में जवाबदेही की मांग करेगा।

राहुल, प्रियंका और खरगे ने खुद संभाली कमान

इस बार विपक्ष को एकजुट रखने और रणनीति को अचूक बनाने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने खुद कमान अपने हाथों में ले ली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाcontent संयुक्त रूप से इस मोर्चे को आगे बढ़ा रहे हैं। खासकर दक्षिण भारत के अपने सबसे प्रमुख और मजबूत सहयोगी दल द्रमुक (DMK) को पूरी तरह से साथ बनाए रखने और विभिन्न मुद्दों पर उनकी सहमति हासिल करने के लिए कांग्रेस के इन शीर्ष नेताओं ने व्यक्तिगत रूप से कवायद तेज कर दी है।

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