एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में घमासान के आसार, विपक्षी नेता करेंगे सरकार से सवाल

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में उस समय बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल सकता है, जब लोकसभा में मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा शुरू होगी। हाल के दिनों में NEET परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर उठे विवाद के बाद, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर इस बहस को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक सीधी और बड़ी राजनीतिक भिड़ंत के रूप में देखा जा रहा है। सदन में लगातार जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाई, जिसके बाद इस अहम विधेयक पर पूरे आठ घंटे का समय तय किया गया है।
विपक्ष की ओर से मोर्चा संभालेंगे राहुल और प्रियंका
सदन के भीतर सरकार को घेरने के लिए INDIA गठबंधन ने पूरी रणनीति तैयार की है। कांग्रेस की तरफ से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मुख्य वक्ता के रूप में मोर्चा संभालेंगे, वहीं पार्टी सांसद प्रियंका गांधी के भी बहस में शामिल होने की प्रबल संभावना है। चर्चा का आगाज़ कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई करेंगे, जिसके बाद पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और एनसीपी (शरद चंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले भी विपक्ष की आवाज़ बुलंद करेंगी। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार नीट यूजी जैसी संवेदनशील परीक्षाओं में धांधली रोकने और छात्रों में सुरक्षा का विश्वास जगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
एनडीए का युवा और अनुभवी चेहरों का संतुलन
दूसरी तरफ, विपक्ष के तीखे वारों का जवाब देने के लिए एनडीए ने अपने युवा और तजुर्बेकार सांसदों की मिली-जुली टीम मैदान में उतारी है। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बंसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या चर्चा का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ गठबंधन सहयोगी टीडीपी के लावू कृष्ण देवरायलु, जेडीयू के राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल और एनसीपी के सुनील तटकरे भी सरकार के पक्ष में अपनी बात रखेंगे। इसके अतिरिक्त, टीएमसी खेमे से सायोनी घोष या मिताली बाग में से किसी एक को बोलने का अवसर मिलने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि भारी हंगामे के बीच यह विधेयक बीते सोमवार को सदन के पटल पर रखा गया था।
