नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही BJP में घमासान? पूर्व विधायक ममता मीना ने उठाए सवाल

दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवार के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पार्टी आलाकमान द्वारा पूर्व गृहमंत्री और कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के फैसले ने स्थानीय स्तर पर विरोध को जन्म दे दिया है। इस सियासी घटनाक्रम के बीच चाचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीना ने नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में खुलकर मोर्चा खोल दिया है और पार्टी के भीतर गुटबाजी की चेतावनी दी है।
वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा पर जताई नाराजगी
ममता मीना ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के माध्यम से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने नरोत्तम मिश्रा को एक बड़ा सनातनी नेता बताते हुए कहा कि दतिया के डबरा में भव्य नवग्रह मंदिर के निर्माण और प्रदेश चुनाव समिति में सक्रिय सदस्य रहने के बावजूद उनका टिकट काटा जाना कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। मीना ने आरोप लगाया कि पार्टी में लगातार कद्दावर और वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे समर्पित कार्यकर्ताओं में भारी निराशा व्याप्त है।
दिग्गज नेताओं का जिक्र कर पार्टी नेतृत्व पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में ममता मीना ने भाजपा के कई शीर्ष नेताओं का नाम लेते हुए नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने उमा भारती, प्रह्लाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे सिंधिया जैसे दिग्गज नेताओं की स्थिति का उल्लेख करते हुए इसे एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा की हार को भी एक गहरी साजिश का परिणाम करार दिया है।
भाजपा में आंतरिक फूट की चेतावनी
ममता मीना ने सीधे शब्दों में कहा कि यदि वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी का सिलसिला नहीं थमा, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने भाजपा के दो धड़ों में बंटने की चेतावनी देते हुए पार्टी को आत्मचिंतन करने की नसीहत दी है। दतिया के इस सियासी घटनाक्रम ने राज्य के भाजपा नेतृत्व के सामने एक नई चुनौती पेश कर दी है, क्योंकि नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में असंतोष के स्वर लगातार मुखर हो रहे हैं।
