जल संरक्षण और संवर्धन के व्यापक स्तर पर हो रहे कार्य – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य को हरा-भरा, स्वच्छ और जल संपन्न बनाने के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा।

मिशन हरियालो राजस्थान के तहत लगेंगे 10 करोड़ पौधे

मुख्यमंत्री ने आमजन से वर्षा ऋतु में 'मिशन हरियालो राजस्थान' के अंतर्गत बढ़-चढ़कर पौधारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार ने अगले 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से अब तक करीब 19 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। इस वर्ष कुल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है और राजस्थान इस अभियान में देश में पहले स्थान पर रहा है।

जल और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई बड़ी योजनाएं चालू

राज्य सरकार पर्यावरण और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 'कर्मभूमि से मातृभूमि' अभियान के जरिए प्रवासी राजस्थानी अपनी जन्मभूमि में जल संरक्षण के कामों से जुड़ रहे हैं। इसके साथ ही, 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' भी बड़ा आंदोलन बन चुका है, जिसमें करीब 4 करोड़ नागरिकों ने अपना योगदान दिया है। सरकार प्रदेश को पानी और बिजली के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए उठाए जा रहे प्रशासनिक कदम

पर्यावरण को सशक्त बनाने के लिए राज्य के चुनिंदा जिलों में 11-11 हजार पौधे लगाकर 'नमो चंदन वन' और जिला मुख्यालयों पर 'नमो नर्सरी' स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा 16 जिलों में मॉडल उद्यान ऑक्सीजोन, 21 जिलों में बायो-गैस संयंत्र और 29 शहरों में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ भी राज्य में प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

हवा की शुद्धता जांचने के लिए नई तकनीक और कई योजनाओं का लोकार्पण

इस राज्य स्तरीय समारोह के दौरान जयपुर के साथ-साथ अलवर और भिवाड़ी में भी वायु गुणवत्ता (एयर क्वालिटी) की जानकारी पहले से देने वाले 'अर्ली वॉर्निंग सिस्टम' की शुरुआत की गई। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण मंडल और सीएसआईआर के बीच तकनीक को लेकर एक समझौता भी हुआ। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 4 नए क्षेत्रीय कार्यालयों का शिलान्यास किया और 7 नई पौधशालाओं (नर्सरी), 8 वन्यजीव एनक्लोजर्स व 5 फॉरेस्ट गार्ड चौकियों का लोकार्पण भी किया।

Leave a Reply