बिहार में मौसम का रेड अलर्ट: पटना समेत कई जिलों में भारी आंधी-बारिश की चेतावनी

पटना | बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। शुक्रवार सुबह राजधानी पटना में सूरज के दर्शन नहीं हुए और आसमान में घने बादल छाए रहे। धूल भरी तेज हवाओं के साथ पटना के कई इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी के अलावा खगड़िया, कैमूर, रोहतास, बक्सर, भोजपुर और औरंगाबाद में भी सुबह से ही झमाझम पानी बरस रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के कई हिस्सों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले दो से तीन घंटों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी और चक्रवाती हवाएं चलने की आशंका है, जिसे देखते हुए आम जनता से विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है।

इन जिलों में रेड अलर्ट, तेज हवाओं का भारी खतरा

मौसम विभाग ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है, उनमें अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भभुआ, भागलपुर, भोजपुर, गोपालगंज, सारण, सीवान, पूर्वी चंपारण, गया, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पटना, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, वैशाली और शेखपुरा शामिल हैं। विशेषकर गया, पटना, नालंदा और पूर्वी चंपारण के सभी प्रखंडों (ब्लॉक्स) में तेज तूफानी हवाओं का सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने घरों के अंदर ही सुरक्षित रहें और बिना किसी बेहद जरूरी काम के बाहर कदम न रखें।

तापमान में भारी उतार-चढ़ाव का पूर्वानुमान

इस मानसूनी हलचल के कारण राज्य के तापमान में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, आने वाले तीन दिनों के भीतर बिहार के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, इसके बाद के अगले चार दिनों में पारा फिर से तेजी से चढ़ेगा और इसमें तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। वहीं, अगले पांच दिनों के दौरान रात के यानी न्यूनतम तापमान में भी दो डिग्री तक की कमी आने के आसार हैं।

सुरक्षा को लेकर मौसम विभाग की महत्वपूर्ण गाइडलाइन

खराब मौसम और आकाशीय बिजली (वज्रपात) के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • पेड़ों और जर्जर इमारतों से दूरी: तेज आंधी के कारण पेड़ या कमजोर ढांचे गिर सकते हैं, इसलिए इनके नीचे खड़े होने से बचें।
  • खुले मैदान और बिजली के खंभे: कड़कती बिजली के दौरान खुले मैदानों में न जाएं और बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मर से दूर रहें।
  • किसानों के लिए चेतावनी: खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत किसी पक्के और सुरक्षित आश्रय स्थल में चले जाएं।
  • यातायात में सावधानी: दृश्यता कम होने और तेज हवा के कारण वाहन बेहद नियंत्रित गति और सावधानी से चलाएं।
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग: बिजली चमकने के दौरान मोबाइल और अन्य बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करने से परहेज करें।

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