मौसम का यू-टर्न: आंधी और ओलों से गिरा तापमान, गर्मी से राहत के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त

उदयपुर | कड़ी धूप और उमस की मार झेल रहे उदयपुर के निवासियों को सोमवार की शाम प्रकृति ने बड़ी राहत दी। जिले के कई हिस्सों में अचानक तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई और कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। इस मौसमी बदलाव से पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, तेज हवाओं और अंधड़ के कारण कई इलाकों में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त भी हुआ।
तेज अंधड़ से कई कार्यक्रम और व्यवस्थाएं हुईं प्रभावित
शाम के समय उदयपुर शहर समेत फतहनगर, गोगुंदा, वल्लभनगर और मावली जैसे क्षेत्रों में अचानक तेज रफ्तार हवाओं के साथ पानी बरसना शुरू हो गया। फतहनगर में शाम करीब 5:30 बजे आए भयंकर अंधड़ की वजह से विद्या निकेतन स्कूल में चल रहे एक बड़े समारोह का पंडाल, मंच और लाउडस्पीकर व्यवस्था पूरी तरह बिखर गई, जिससे कार्यक्रम के आयोजन में बाधा आई। इसके अलावा, शहरी इलाकों में कई जगहों पर लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स उखड़ गए और पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर आ गिरीं।
गोगुंदा में ओलावृष्टि और वल्लभनगर में थमा यातायात
इस मौसमी सिस्टम का सबसे तगड़ा असर गोगुंदा इलाके में देखने को मिला, जहां बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि भी हुई। यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने की सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई और कई दुकानों के भीतर पानी भर जाने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। आंधी इतनी तेज थी कि कई घरों के टीन शेड उड़ गए और बिजली के पोल गिरने से बत्ती गुल हो गई। उधर, वल्लभनगर के सियाखेड़ी-मोरजाई मार्ग पर एक विशाल पेड़ के धराशायी होने से वाहनों का आवागमन पूरी तरह रुक गया।
चार दिनों तक ऐसा ही रहेगा मौसम, प्रशासन ने जारी की एडवायजरी
उदयपुर शहर में शाम करीब साढ़े छह बजे धूल के गुबार के बाद शुरू हुई तेज बारिश (विशेषकर 100 फीट रोड और आसपास के क्षेत्रों में) ने लोगों को भीषण गर्मी से तत्काल निजात दिलाई। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी चार दिनों तक पूरे जिले में मौसम का मिजाज इसी तरह बदला रहेगा। इस दौरान आसमान में बादलों की आवाजाही, आकाशीय बिजली कड़कने और ओले गिरने की संभावना बनी रहेगी। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
