श्रीलंका पर भारी पड़ा वेस्टइंडीज, तीन खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से मिली जीत

किंग्सटन। कैरेबियाई सरजमीं पर खेले गए एक रोमांचक और निर्णायक टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने मेहमान श्रीलंका को 5 विकेट से शिकस्त देकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली है। दोनों टीमों के बीच सीरीज का यह अंतिम और महत्वपूर्ण मैच किंग्सटन के मैदान पर खेला गया, जिसमें वेस्टइंडीज की टीम ने खेल के हर विभाग में दमदार खेल दिखाया। इस खिताबी जीत में मेजबान टीम के तीन धुरंधरों—शेमार जोसेफ, शरफेन रदरफोर्ड और जेसन होल्डर ने सबसे निर्णायक भूमिका निभाई और श्रीलंका के सीरीज जीतने के अरमानों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
शेमार जोसेफ का पंजा और रदरफोर्ड का कप्तानी अर्धशतक
मैच में कैरेबियाई तेज गेंदबाज शेमार जोसेफ ने अपनी आग उगलती गेंदों से श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। जोसेफ ने अपने कोटे के 4 ओवरों में महज 33 रन खर्च करते हुए 5 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जो उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का अब तक का सबसे लाजवाब प्रदर्शन है। कभी सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले इस युवा गेंदबाज को उनकी इस कातिलाना गेंदबाजी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' के पुरस्कार से भी नवाजा गया। इसके बाद 170 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम जब संकट में थी, तब शरफेन रदरफोर्ड ने बेहद सूझबूझ और आक्रामकता का परिचय देते हुए एक छोर संभाला। रदरफोर्ड ने 40 गेंदों का सामना करते हुए चार गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 54 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली।
जेसन होल्डर का विस्फोटक अंत और श्रीलंका की नामी पारी
जब मैच अंतिम ओवरों में फंसा हुआ था, तब मैदान पर उतरे पूर्व कप्तान और अनुभवी ऑलराउंडर जेसन होल्डर ने आते ही गेंदबाजों पर कड़ा प्रहार शुरू कर दिया। होल्डर ने गेंदबाजों की लय बिगाड़ते हुए मात्र 5 गेंदों में 420 के हैरान कर देने वाले स्ट्राइक रेट से नाबाद 21 रन ठोक दिए। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी ने मैच को पूरी तरह से श्रीलंका की पहुंच से दूर कर दिया। इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 169 रनों का स्कोर खड़ा किया था, जिसमें ड्यूनिथ वेलालागे ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 43 रनों का योगदान दिया था, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहा।
दबाव के बीच खिताबी जीत और सीरीज का सफर
इस त्रिकोणीय परिस्थितियों वाली सीरीज का सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। वेस्टइंडीज ने सीरीज के पहले मैच में शानदार जीत हासिल कर बढ़त बनाई थी, जिसके बाद श्रीलंका ने दूसरे मुकाबले में तगड़ी वापसी करते हुए सीरीज को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया था। इसके चलते तीसरे और अंतिम मैच का रोमांच चरम पर पहुंच गया था। फाइनल मुकाबले में 170 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने शुरुआती झटके और दबाव के बावजूद रदरफोर्ड तथा होल्डर की शानदार जुगलबंदी की बदौलत 5 विकेट शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया।
