क्या जल्द बदलेगी मोदी कैबिनेट? 6 दिग्गज मंत्रियों की छुट्टी, 9 नए नामों की चर्चा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार (Modi Cabinet Reshuffle) करने जा रहे हैं। नई दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, इस फेरबदल की रूपरेखा पूरी तरह तैयार हो चुकी है। हाल ही में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हुई अलग-अलग बैठकों के बाद इस कवायद को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस बार के विस्तार में क्षेत्रीय समीकरणों और मंत्रियों के प्रदर्शन के आधार पर कई चौंकाने वाले निर्णय देखने को मिल सकते हैं, जिसके तहत खराब प्रदर्शन करने वाले दिग्गजों की विदाई होगी और कुछ अप्रत्याशित चेहरो की सरप्राइज एंट्री हो सकती है।

विवादों और प्रदर्शन की गाज, इन दिग्गज मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी

सूत्रों के मुताबिक, इस फेरबदल में करीब आधा दर्जन मौजूदा मंत्रियों की कुर्सी खतरे में है। इनमें सबसे बड़ा नाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का है, जो देशव्यापी NEET पेपर लीक विवाद के बाद से विपक्ष और राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी कैबिनेट से हटाकर संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालिया राज्यसभा चुनावों के समीकरणों को देखते हुए केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की विदाई के भी संकेत हैं, जबकि अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

शक्तिकांत दास और अरुण गोविल समेत इन नए चेहरों की होगी एंट्री

पीएम मोदी की नई टीम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगियों सहित करीब 9 नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना है। इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव शक्तिकांत दास का है, जिन्हें सीधे कैबिनेट में लाकर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनके अलावा, महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं, मेरठ से भाजपा सांसद और 'रामायण' फेम अरुण गोविल को भी मोदी टीम में जगह मिलने की प्रबल संभावना है।

मंत्रालयों में बड़ा उलटफेर, अनुराग ठाकुर को मिल सकता है प्रमोशन

इस फेरबदल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुराग ठाकुर को आगामी फेरबदल में कोई अधिक महत्वपूर्ण और बड़ा पोर्टफोलियो सौंपा जा सकता है, जबकि कुछ राज्यमंत्रियों (MoS) को प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार या कैबिनेट रैंक दी जा सकती है। सबसे बड़ा उलटफेर वित्त मंत्रालय में देखने को मिल सकता है; यदि शक्तिकांत दास की कैबिनेट में एंट्री होती है, तो उन्हें देश का नया वित्त मंत्री बनाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धर्मेंद्र प्रधान की जगह देश के शिक्षा मंत्रालय की कमान सौंपी जा सकती है।

आगामी विधानसभा चुनाव और 2029 की सियासी बिसात पर फोकस

इस पूरे पुनर्गठन के केंद्र में आगामी राज्यों के विधानसभा चुनाव और साल 2029 के लोकसभा चुनावों की दीर्घकालिक रणनीति छिपी है। पार्टी के रणनीतिकार जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को साधने की पुरजोर कोशिश में हैं। यही वजह है कि इस बार के केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में ओडिशा, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राजनैतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण राज्यों को विशेष तवज्जो और बड़ा प्रतिनिधित्व मिलना लगभग तय माना जा रहा है।

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