वैभव को मिलेगा मौका या सैमसन पर फिर भरोसा? दूसरे टी20 की प्लेइंग-11 पर बड़ी चर्चा

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की बेहद हाई-प्रोफाइल और रोमांचक टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को मैनचेस्टर के ऐतिहासिक ओल्ड ट्रैफर्ड क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। इस सीरीज का पहला मुकाबला पूरी तरह से बारिश की भेंट चढ़ गया था, जिससे खेल प्रेमियों को काफी मायूसी हाथ लगी थी। हालांकि, उस मुकाबले में बारिश आने से पहले भारतीय टीम की पारी पूरी हो चुकी थी और टीम इंडिया ने इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी आक्रमण के सामने 190 रनों का एक बेहद चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। पहले टी20 मैच में जहां युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर ने मैदान के चारों ओर चौके-छक्कों की बरसात करते हुए शानदार अर्धशतक जमाए थे, वहीं मध्यक्रम में संजू सैमसन और तिलक वर्मा का फ्लॉप शो लगातार जारी रहा था। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब भारतीय क्रिकेट गलियारों में इस चर्चा को एक बार फिर भारी बल मिल गया है कि क्या टीम प्रबंधन दूसरे मैच में कोई कड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेगा? या फिर घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले बिहार के 15 वर्षीय वंडर बॉय वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू के लिए अभी और लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

संजू सैमसन पर बरकरार रह सकता है टीम मैनेजमेंट का भरोसा, पर अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं

क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि अगर दूसरे टी20 मुकाबले में भी भारतीय टीम प्रबंधन संजू सैमसन को अंतिम एकादश (Playing-11) में मौका देता है, तो पूरा फोकस और दबाव उन्हीं के ऊपर रहने वाला है।

  • वैभव सूर्यवंशी की बढ़ती मांग: डोमेस्टिक सर्किट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने की मांग सोशल मीडिया से लेकर पूर्व क्रिकेटरों के बीच बहुत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सैमसन के सामने इस मैच में अपनी उपयोगिता और अनुभव को साबित करने की बहुत बड़ी चुनौती होगी।

  • टी20 विश्व कप का प्रदर्शन भी नहीं है सुरक्षा कवच: हाल ही में संपन्न हुए टी20 विश्व कप में भारतीय टीम की खिताबी जीत के प्रमुख सूत्रधारों में से एक रहे संजू सैमसन को उम्मीद थी कि उन्हें टीम में कम से कम एक साल तक नियमित मौके मिलेंगे। लेकिन अब जबकि भारतीय क्रिकेट को वैभव सूर्यवंशी के रूप में एक असाधारण और विलक्षण प्रतिभा वाला खिलाड़ी मिल गया है, ऐसे में सैमसन के लिए अपनी जगह बचाए रखने के लिए गलतियों की गुंजाइश पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। विश्व कप का पुराना शानदार प्रदर्शन भी अब टीम में उनकी जगह की परमानेंट गारंटी नहीं माना जा सकता।

शीर्ष क्रम का कैसा रहा है प्रदर्शन? ईशान-सैमसन फेल, अभिषेक शर्मा ने दिखाई ताकत

भारतीय टीम मैनेजमेंट अगर दूसरे टी20 इंटरनेशनल में कोई भी फेरबदल करने का मन बनाता है, तो वह पूरी तरह से बल्लेबाजी क्रम में ही देखने को मिल सकता है। दरअसल, भारतीय टीम के शीर्ष क्रम (Top Order) का प्रदर्शन पिछले कुछ समय से बेहद चिंताजनक रहा है और पहले टी20 मैच के दौरान भी यह कमजोरी साफ तौर पर उजागर हुई थी:

  1. सैमसन का बेहद खराब दौर: संजू सैमसन पिछले लगातार तीन टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए हैं। इन तीन पारियों को मिलाकर उनके बल्ले से कुल महज 6 रन ही निकले हैं, जो उनकी क्षमता के बिल्कुल विपरीत है।

  2. ईशान किशन की नाकामी: टीम के धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का हालिया प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा है। पिछले मैच में तो वे बदकिस्मती से बिना खाता खोले (शून्य पर) ही रन आउट होकर पवेलियन लौट गए थे। हालांकि, चूंकि ईशान पिछले मैच में रन आउट हुए थे, इसलिए टीम प्रबंधन उन पर एक और मौका देने का भरोसा जता सकता है।

  3. अभिषेक शर्मा की आंधी: दूसरी तरफ, युवा आक्रामक ओपनर अभिषेक शर्मा ने पहले टी20 में महज 20 गेंदों पर एक आतिशी अर्धशतक ठोककर अपनी पुरानी फॉर्म में वापसी के साफ संकेत दे दिए हैं और टीम में अपनी जगह को बेहद मजबूती से स्थापित कर लिया है।

ऐसे में अब सारा मानसिक दबाव अनुभवी संजू सैमसन पर आ गया है, जिनके पास इंटरनेशनल क्रिकेट में एक बड़ी और मैच जिताऊ पारी खेलने के लिए ज्यादा समय और मौके नहीं बचे हैं। इन तमाम समीकरणों के बीच इस बात की संभावना बेहद कम है कि भारत शनिवार को अपनी प्लेइंग-11 में कोई बड़ा बदलाव करेगा। यानी तकनीकी रूप से देखें तो वैभव सूर्यवंशी को अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की टोपी पहनने के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।

ओल्ड ट्रैफर्ड की टर्निंग पिच पर गेंदबाजों में बदलाव की गुंजाइश नहीं, स्पिनर्स का रहेगा बोलबाला

भारतीय टीम के मुख्य कोच और कप्तान श्रेयस अय्यर 15 वर्ष के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल कॅरियर को लेकर कोई भी जल्दबाजी या हड़बड़ी करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। वे युवाओं को पूरा समय देना चाहते हैं। लेकिन खेल पंडितों का यह भी कहना है कि अगर अगले कुछ मैचों में भी वैभव को बेंच पर ही बैठाकर रखा गया, तो टीम प्रबंधन के इस फैसले पर मीडिया और फैंस द्वारा तीखे सवाल उठने बिल्कुल तय हैं।

बल्लेबाजी विभाग में सैमसन के अलावा मध्यक्रम के बल्लेबाज तिलक वर्मा को भी मिडिल ओवर्स में अपनी रन बनाने की गति को काफी तेज करना होगा। तिलक की सबसे बड़ी कमजोरी यह सामने आ रही है कि मैदान पर स्पिन गेंदबाजों के आते ही वे तेजी से रन नहीं बना पाते हैं और स्ट्राइक रोटेट करने में फंस जाते हैं। इस पूरे साल में खेले गए 12 टी20 मुकाबलों में उनके बल्ले से केवल 12 छक्के ही निकल सके हैं, जो कि एक स्थापित फिनिशर और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के लिहाज से बेहद खराब और निराशाजनक आंकड़ा है।

पिच की रिपोर्ट और गेंदबाजी की रणनीति: मैनचेस्टर की ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच को पारंपरिक रूप से स्पिनरों की मददगार माना जाता है। यहाँ गेंद पिच पर टप्पा खाने के बाद काफी टर्न और ग्रिप लेती है। इस पिच कंडीशन को देखते हुए भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में किसी भी प्रकार के बदलाव की संभावना बिल्कुल नहीं है। इसका सीधा मतलब यह है कि भारत एक बार फिर रणनीति के तहत तीन विशेषज्ञ स्पिनर्स और दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के मजबूत संयोजन के साथ मैदान पर उतरेगा। वहीं, ऑलराउंडर शिवम दुबे के रूप में कप्तान के पास छठे गेंदबाज का एक बेहतरीन विकल्प हमेशा उपलब्ध रहेगा।

इस महामुकाबले के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11 (Probable Playing-11)

भारतीय टीम (Team India): श्रेयस अय्यर (कप्तान), संजू सैमसन/वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती।

इंग्लैंड की टीम (Team England): हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जैकब बेथेल, टॉम बेंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉवसन, साकिब महमूद, आदिल राशिद, ल्यूक वुड/जोफ्रा आर्चर।

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