शामली-बिजनौर से योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- ‘उन्हें जिन्ना, हमें गन्ना पसंद’

बिजनौर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बिजनौर का दौरा किया. बिजनौर पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने वहां के सुहावने मौसम, मां गंगा के सान्निध्य और जिले की बदली हुई सकारात्मक तस्वीर पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि जो बिजनौर कभी गंदगी और बदहाली के लिए जाना जाता था, आज वह विकास की एक नई और चमकती हुई मिसाल बन चुका है.
अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास का पैमाना लखनऊ में बैठकर तय नहीं होता, बल्कि उसे जनता के द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि (सांसद, विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष) जमीन पर तय करते हैं. जनप्रतिनिधि ही क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से सड़क और पुल जैसी विकास योजनाओं का खाका खींचते हैं और हमारी सरकार उसके लिए बजट जारी करती है. बिजनौर की असली ताकत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस जिले की पहचान यहां के मेहनती किसान, युवा, व्यापारी और स्थानीय कारीगर हैं, जिनकी बदौलत आज बिजनौर को पूरे प्रदेश में एक अलग पहचान मिली है.
बिजनौर और चांदपुर को ₹1000 करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा विदुर की यह पावन धरती लगातार तरक्की की नई राह पर आगे बढ़ रही है. इसी कड़ी में आज बिजनौर और चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये की बड़ी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है.
इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार बिजनौर के विकास को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत अब गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार सीधे हरिद्वार तक किया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे के हरिद्वार से जुड़ने के बाद बिजनौर के लोगों को बेहतरीन कनेक्टिविटी का सीधा फायदा मिलेगा. इसके अलावा, जिले में बन रहे मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ अब एक अत्याधुनिक नर्सिंग कॉलेज का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा है. इससे क्षेत्र की बेटियों को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा और उन्हें घर के पास ही उत्कृष्ट शिक्षा व रोजगार के अवसर मिल सकेंगे.
विस्थापित परिवारों को मिला मालिकाना हक
देश के विभाजन की त्रासदी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंटवारे का दर्द कई पीढ़ियों और परिवारों ने झेला है. विस्थापित परिवारों की समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार बेहद संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है. अपने पिछले दौरे को याद करते हुए सीएम योगी ने बताया कि उन्हें पड़ापुर क्षेत्र में पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए करीब 3,000 जरूरतमंद लोगों को जमीन के पट्टे आवंटित करने का सौभाग्य मिला, जो पिछले काफी लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे थे.
'उन्हें जिन्ना पसंद है, हमें गन्ना पसंद है'
वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यहां अपराध और माफियाओं का राज था. कुछ लोग चाहते थे कि बिजनौर हमेशा गुंडों और अपराधियों के चंगुल में फंसा रहे, ताकि वे समाज को बांटने की अपनी गंदी राजनीति चमका सकें. ऐसे लोगों पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा, "दंगा कराने वालों को जिन्ना पसंद है, जबकि हमें गन्ना पसंद है".
आज प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण बिजनौर पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त हो चुका है. सरकार की प्राथमिकता में हमेशा से अन्नदाता किसान रहे हैं. यही वजह है कि जनप्रतिनिधियों की मांग पर गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है. पहले की सरकारों में किसानों को अपने ही गन्ने के भुगतान के लिए सालों तक तरसना पड़ता था, लेकिन आज हमारी सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखकर काम कर रही है.
2017 से पहले की सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पुरानी सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि साल 2017 से पहले बिजनौर को लेकर यह अंधविश्वास फैलाया जाता था कि कोई मुख्यमंत्री यहां नहीं आता. लेकिन आज की सरकार ने उस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है और बिजनौर अब राज्य में विकास और प्रगति का सबसे बड़ा प्रतीक बनकर उभरा है.
समाज को बांटने वाली ताकतों से रहें सावधान
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि समाज को जातियों और अलग-अलग वर्गों के नाम पर बांटने की राजनीति करने वाले तत्वों से हमेशा सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने साफ किया कि हमारी सरकार का उद्देश्य समाज में खाई पैदा करना नहीं, बल्कि आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत करना है. बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग को साथ लेकर विकास की राह पर आगे बढ़ना ही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
इस प्रेरणादायक उद्बोधन के साथ ही मुख्यमंत्री ने अपना भाषण समाप्त किया और इसके बाद वे सीधे मुरादनगर के लिए रवाना हो गए.
