सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से बदनाम करने का आरोप, युवक ने दर्ज कराई शिकायत

जबलपुर: सोशल मीडिया के दुरुपयोग के जरिए किसी की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने और बदनाम करने का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। जबलपुर के शाहपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टिपरा के निवासी 33 वर्षीय रूपेश पटेल इस ऑनलाइन साजिश और धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। किसी अज्ञात साइबर अपराधी ने फेसबुक पर रूपेश की जानकारी का इस्तेमाल कर एक फर्जी अकाउंट तैयार किया है। इस नकली आईडी से रूपेश के खिलाफ लगातार बेहद आपत्तिजनक, अश्लील और भ्रामक बातें पोस्ट की जा रही हैं, जिससे समाज और सगे-संबंधियों के बीच उनकी छवि धूमिल हो रही है। इस प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित ने जबलपुर जिला साइबर सेल के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

'रितेश राय' के नाम से बनाई फेक प्रोफाइल, हफ्ते भर से चल रहा बदनाम करने का खेल

पीड़ित रूपेश पटेल ने अपनी शिकायत में बताया कि पिछले करीब एक हफ्ते से सोशल मीडिया पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। अज्ञात जालसाज ने फेसबुक पर 'रितेश राय' नाम से एक फर्जी आईडी बनाई है, जिस पर रूपेश की तस्वीरें और उनसे जुड़ी बातें पोस्ट की जा रही हैं। पीड़ित ने साफ तौर पर कहा कि इस फर्जी प्रोफाइल में जिस रितेश राय नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है, उस नाम के किसी भी व्यक्ति को वे व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं। आरोपी का एकमात्र मकसद केवल और केवल उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को पूरी तरह बर्बाद करना है।

फर्जी अकाउंट को तुरंत ब्लॉक करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग

लगातार मिल रहे मानसिक तनाव के बाद रूपेश ने साइबर सेल के अधिकारियों से मामले की तत्काल तकनीकी जांच (टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन) करने का अनुरोध किया है। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि सबसे पहले इस फर्जी फेसबुक आईडी को तुरंत ब्लॉक या डिलीट कराया जाए ताकि और अधिक भ्रामक सामग्री समाज में न फैले। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की है कि इस साजिश के पीछे छिपे असली चेहरे का पता लगाकर, उसका आईपी एड्रेस (IP Address) ट्रैक किया जाए और उस अज्ञात अपराधी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी धाराएं लगाकर जेल भेजा जाए।

साइबर पुलिस ने आवेदन स्वीकार कर तकनीकी पहलुओं की जांच की शुरू

शिकायत मिलने के बाद जबलपुर साइबर पुलिस ने मामले को पूरी गंभीरता से लिया है। पुलिस ने पीड़ित का आवेदन स्वीकार करते हुए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। साइबर एक्सपर्ट्स की टीम अब उस डिजिटल फुटप्रिंट और यूआरएल (URL) की पड़ताल कर रही है, जिसके जरिए यह फेक अकाउंट ऑपरेट किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह अकाउंट किस मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से बनाया गया था और इसे करने के पीछे आरोपी का क्या निजी स्वार्थ या पुरानी रंजिश है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य जुटते ही आरोपी को गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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