अमिताभ बच्चन के पैतृक गांव की महिला प्रधान की बढ़ी मुश्किलें, जानिए क्यों?

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election 2021) को लेकर तैयारिया बड़ी ही तेज़ी से चल रही हैं. अभी पंचायत चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान भले न हुआ हो लेकिन गांव-गांव सियासत गर्म हो गई है. दावेदार हर तरह से गुणा-गणित को सेट कर मतदाताओं को अपने तरफ रिझाने में जुटे हैं. वहीं, प्रतापगढ़ में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के पैतृक गांव बाबूपट्टी में पिछले पंचायत चुनाव में निर्वाचित हुई निरक्षर प्रधान कलावती की मुश्किलें इस बार बढ़ गई हैं. कारण यह है कि इस बार मतदाताओं की संख्या में लगभग 35 प्रतिशत तक इजाफा हो गया है. इनमें युवा मतदाताओं का रुझान इस बार पढ़े-लिखे प्रधान के दावेदारों की ओर बढ़ रहा है.बाबूपट्टी गांव में साल 2015 के पंचायत चुनाव में मतदाताओं की संख्या 850 थी. साल 2021 में होने वाले पंचायत चुनाव में मतदाताओं की संख्या अब तक 1150 तक पहुंच गई है. महज 5 साल में यहां 300 वोटर बढ़ गए. पिछले पंचायत चुनाव में निरक्षर प्रधान कलावती को 312 वोट मिले थे, वह 51.23 प्रतिशत मत पाकर विजयी हुई थीं. अभिताभ बच्चन के पैतृक गाव के वोटरों ने कलावती पर जमकर वोटों की बारिश करते हुए उन्हें गांव की सरकार चलाने का जिम्मा सौंपा था, लेकिन इस बार गांव के राजनीतिक हालात युवा मतदाताओं के भारी तादाद में बढ़ाने से बदलने के आसार बन रहे हैं.
15 साल पहले आई थीं जया बच्चन
बता दें कि इस बार प्रतापगढ़ में 1193 ग्राम पंचायतों में 1374 मतदान केंद्र, 3561 मतदान स्थल बनाये गए है, जबकि अभी तक जिले में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 2,62,0052 तक पहुंच गई है. अमिताभ बच्चन के पिता व प्रख्यात साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन का जन्म इसी गांव में हुआ था, अध्ययन के लिए वह प्रयागराज गए तो फिर वहीं बस गए. हालांकि, उनका अपने गांव आना-जाना लगा रहा. अलबत्ता अमिताभ कभी बाबूपट्टी नहीं आ पाए. वैसे जया बच्चन 5 मार्च 2006 को बाबूपट्टी गांव आई थीं. यहां उन्होंने अपने ससुर हरिवंश राय बच्चन के नाम से बने पुस्तकालय का लोकार्पण किया था.
अमिताभ ने पैतृक गांव का विकास करने की जताई थी इच्छा
कौन बनेगा करोड़पति के 12वें संस्करण के दौरान अमिताभ बच्चन ने कहा था कि परिवार में चर्चा हुई है, जल्द ही हम लोग पुरखों के गांव बाबू पट्टी जाएंगे. वहां के लिए कुछ करना है. भले ही स्कूल का निर्माण हो अथवा कुछ और लेकिन आज तक बिग बी अपने पैतृक गांव कभी नहीं आए. आज भी उस गाव के लोग उनके आने की उम्मीद को नहीं छोड़ी है.
