आइआइएम इंदौर कैंपस ‘आइसोलेट’, शहर से सीधा संपर्क काटा
इंदौर । IIM Indore शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर पिगडंबर की पहाड़ी पर भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम ) परिसर ने बाहरी दुनिया से सीधा संपर्क काट लिया है। आइआइएम के शिक्षक, विद्यार्थी, अधिकारी और कर्मचारी बिना लिखित अनुमति हासिल किए कैंपस से बाहर आ या जा नहीं सकते। इंदौर शहर में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच यह व्यवस्था लागू की गई है। बीते दिनों कोरोना संक्रमण के कुछ मामले आए थे। संक्रमित लोग अब ठीक हो गए, लेकिन आने वाले दिनों में महामारी पुनः आइआइएम परिसर में दाखिल न हो सके, इसलिए यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
बाहर गए तो 14 दिन क्वारंटाइन होना होगा
आइआइएम कैंपस में ही संस्थान का दफ्तर, कक्षाओं के साथ छात्रावास और आवासगृह से लेकर गेस्ट हाउस तक बने हुए हैं। शिक्षक और कर्मचारी आवास में करीब 160 परिवार रह रहे हैं। पीएचडी यानी फैलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट के 20 छात्र भी कैंपस में रह रहे हैं। साथ ही संस्थान के सभी सुरक्षा गार्ड के घर भी परिसर के भीतर ही हैं। इस परिसर से शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बाहर जाने की अनुमति नहीं है। यदि किसी को आवश्यक काम से बाहर जाना है तो संबंधित व्यक्ति को प्रशासनिक अधिकारी को ई–मेल कर सूचना देनी होगी। इसमें जाने के कारण से लेकर जिस व्यक्ति से मिलना है, कितनी देर के लिए बाहर जाना है, आदि ब्योरा भी देना होगा। अनुमति के बाद ही व्यक्ति बाहर जा सकेगा। यदि कोई जरूरी काम से शहर से बाहर गया तो उसे क्वारंटाइन रहना होगा। भले ही शहर में प्रशासन ने क्वारंटाइन की मियाद 10 दिन और सप्ताहभर कर दी है, लेकिन आईआईएम में क्वारंटाइन की अवधि 14 दिन ही बरकरार है।
पूरा अकाउंट सेक्शन हुआ था क्वारंटाइन
बीते दिन आइआइएम में कोरोना संक्रमण के कुछ मामले आए थे। संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी के परिवार के साथ बाहर से आया एक छात्र कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। सभी को संस्थान के गेस्ट हाउस में क्वारंटाइन किया गया था। संस्थान परिसर में एक बैंक भी है। बैंक की मैनेजर कोरोना पॉजिटिव आई थीं। अकाउंट सेक्शन के सभी कर्मचारियों को भी क्वारंटाइन में भेज दिया गया था।
