इन्दौर को लेकर भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों के पास कोई ‘स्पष्ट विज़न’ नहीं

इन्दौर । मध्य प्रदेश की सबसे समृद्ध मानी जाने वाली लोकसभा सीट "इन्दौर" पर चुनाव लड़ रहे दोनों ही प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशियों के पास इंदौर को लेकर कोई "स्पष्ट विजन" नहीं है।
इन्दौर प्रेस क्लब के परंपरागत गरिमा पूर्ण आयोजन "आमने-सामने" में आज इस बात का खुलासा हो गया, जब इंदौर लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों शंकर लालवानी और पंकज संघवी ने अपनी बात रखने के पश्चात पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी ने अपनी बात रखते हुए विगत 30 वर्षों से उनकी ही पार्टी की इंदौर से सांसद रही सुमित्रा महाजन के प्रयास से हुए कार्यों को गिनाते हुए उनमें जो और कमियां रह गई उन्हें पूर्ण करने तथा उनमें आ रही भारी कठिनाइयों को दूर करने की बात कही, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पंकज संघवी ने गत 30 वर्षों से लगातार भाजपा सांसद रही और लोकसभा अध्यक्ष के मुकाम तक पहुंची सुमित्रा महाजन के कार्यकाल में हुए इन्दौर में अव्यवस्थित विकास कार्यों को व्यवस्थित करने की बात कही।
ज्ञात रहे कि इंदौर में कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशियों को लेकर ही बहुत ही "उहापोह "की स्थिति बनी हुई थी अंततः बहुत जद्दोजहद के बाद यह दोनों पार्टी के प्रत्याशी घोषित हुए थे, कांग्रेस में इन्दौर लोकसभा प्रत्याशी लायक कोई योग्य उम्मीदवार ही नज़र नहीं आ रहा था, आखिरकार पार्षद के अलावा हर चुनाव हारे पंकज संघवी को मजबूरन फिर मैदान में उतारा। वहीं भाजपा की चरम पर पहुंच चुकी स्थानीय आंतरिक राजनीतिक गुटबाजी जो दिल्ली हाईकमान तक को सोचने पर और कोई फैसला ना ले पाने के लिए विवश कर चुकी थी, के चलते पहले घोषित कर फिर "होल्ड किये" प्रत्याशी शंकर लालवानी को ही आखिर में टिकट दिया।
बीजेपी प्रत्याशी शंकर लालवानी ने हो चुके और चल रहे इंदौर के विकास कार्यों – रेलवे कनेक्टिविटी, एयर कनेक्टिविटी के साथ नर्मदा तृतीय चरण के बाद भी आ रही पेयजल आपूर्ति में कठिनाइयां तथा एजुकेशन हब बनते इंदौर को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलवाने और बार-बार बंद होते मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए कुछ करने की मंशा जाहिर की। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पंकज संघवी ने रेलवे कनेक्टिविटी को लेकर किए जा रहे अव्यवस्थित प्रयोग दो-दो रेलवे स्टेशन बनाने की कवायद के बीच लक्ष्मीबाई नगर को व्यवस्थित रेलवे स्टेशन बनाने की बात कर दी। एयर कनेक्टिविटी में एयरपोर्ट विस्तार को लेकर आसपास के इलाकों के किसानों की जमीन पर के विवाद को आपसी बातचीत कर दूर करने के साथ, इंदौर शहर के मध्य में अस्त व्यस्त होते ट्रैफिक के लिए भी सुचारू कार्ययोजना पर कार्य करने की मंशा जाहिर की।
पत्रकारों के सवाल जवाब सेशन में दोनों ही प्रत्याशी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा साफ-सफाई में ही लगे रहे, पंकज संघवी जहां मिलों के बंद होने को बीजेपी सरकार की विफलता बताते रहे। वहीं आईआईएम एवं आईआईटी इंदौर को कांग्रेस के अर्जुन सिंह सरकार के खाते में डाल गए, वहीं शंकर लालवानी इंदौर की मिलों को कांग्रेस शासनकाल में बीमारू होना बता अभी चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण कुछ ना कर पाने की स्थिति दर्शाते रहे। इन सबके चलते दोनों ही इन्दौर के लिए अपनी किसी ठोस कार्य योजना को स्पष्ट नहीं कर पाये।
इन्दौर प्रेस क्लब के इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम में जहां दोनों ही प्रत्याशियों को इन्दौर को लेकर अपने "विजन" को स्पष्ट करने का एक बेहतरीन मौका और प्लेटफार्म मिला था उसमें दोनों ही असफल साबित हुए, कारण कि दोनों ही प्रत्याशी पार्टी की मजबूरी में इंदौर पर "थोपे गए प्रत्याशी" है अतः स्वाभाविक है कि इंदौर के लिए भी कुछ विजन सेट नहीं कर पाए ये, शायद मध्य प्रदेश के सर्वाधिक गौरवपूर्ण और तीन बार देश में स्वच्छता में पहले पायदान पर रहे गौरवशाली शहर इन्दौर के मतदाता इस बार "नो-विजन" प्रत्याशी को ही अपना सांसद चुनने को बेबस रहेगा।
