केकड़ी कस्बे में बन रहीं गाय के गोबर से राखियां और भगवान की मूर्तियां

अजमेर । गाय के गोबर से राखियां और भगवान की मूर्तियां बनाई जा रही हैं। अजमेर जिले के केकड़ी कस्बे में इस अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत गाय के गोबर से कई तरह की वस्तुएं बनाकर गोवंश को बचाने की कोशिश की जा रही है। यहां गौशाला में आए विद्वानों ने बताया कि आदि अनादिकाल में गाय के गोबर का बड़ा महत्व था, लेकिन धीरे धीरे लोग पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ते गए और आज ये हालात हो गए कि उसकी वजह से हमारा गोवंश खत्म होने की कगार पर पहुंच गया। विद्वानों ने कहा कि वापस ये शुरुआत करनी जरूरी है ताकि हमारी संस्कृति और विरासत बची रहे। 
गोरक्षक पंडित विष्णु दत्त ने इसे अद्भुत अभियान बताते हुए कहा कि अनादिकाल से भारतवर्ष में रक्षा बांधा जाता था और गोबर की राखी बांधी जाती थी।कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि चाइनीज राखियां बांधी गई। उन्होंने चीन से बनकर आनेवाली राखियों को जहरीला और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने कहा कि गाय के गोबर से बनाई जा रही राखियों और भगवान की मूर्तियों के निर्माण से गोबर की महत्ता बढ़ेगी।इस तरह गोवंश की रक्षा भी होगी। 
बता दें कि आने वाले राखी के त्योहार को ध्यान में रखते हुए केकड़ी में बनी गोशाला में गाय के गोबर से राखियां तैयार की जा रही है। यहां गोबर से अलग अलग तरह के आइटम बनाए जा रहे हैं। इस कार्य में क्षेत्र की कई महिलाओं ने रुचि भी दिखाई है। वे लगातार इसमें जुटी हुई हैं। साथ ही इसी गोबर से भगवान की प्रतिमाएं भी बनाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि ये प्रतिमाएं सालों तक सुरक्षित रह सकती हैं। बहरहाल गाय के गोबर से जिस तरह की वस्तुएं तैयार की जा रही हैं, वो एक सराहनीय पहल है। इससे एक ओर जहां गोवंश को बचाने की मुहिम साकार होगी, वहीं दूसरी ओर इससे रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे। बस इस पहल को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। 

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