गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज ने 120 स्टाफ नर्स कर्मचारियों को किया बाहर, हड़ताल पर बैठे

नूंह। नूंह जिले स्टाफ नर्स के पद पर तैनात 120 कर्मचारियों को शहीद हसन खांमे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके खिलाफ निकाले गए सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए हैं। मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग पार्ट- वन के तहत 6 साल पहले इन 120 कर्मचारियों को रखा गया था। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में कुल स्टाफ नर्स की संख्या 687 है, जिनमें समय-समय पर रेगुलर भर्ती होती रही है। अब बाकी नई भर्ती के लिए सरकार द्वारा 192 स्टाफ नर्स की वैकेंसी निकाली गई है जो रेगुलर है। मेडिकल कॉलेज में तैनात स्टाफ नर्स कर्मचारी मनोज कुमार ने बताया कि 6 वर्ष पहले स्टाफ नर्स के पद पर तैनात हुए थे। आज तक कोई भी जॉइनिंग लेटर नहीं दिया गया है। अब कॉलेज प्रशासन की तरफ से 4 मार्च को कर्मचारियों को नोटिस थमा दिया गया कि 192 पदों के लिए नए सिरे से रेगुलर भर्ती की जा रही है। हम विरोध कर रहे हैं उस भर्ती की जगह 120 कर्मचारियों को ही रखा जाए।
स्टाफ नर्स कर्मचारियों का कहना है कि नोटिस वापस लिया जाए और सभी कर्मचारियों को पूर्ण रूप से नौकरी पर रखा जाए। इसके अलावा पिछले 2 महीने का वेतन जो नहीं मिला है वह भी दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी के द्वारा उन्हें एक्सपीरियंस लेटर दिया जाए, जिससे कि भविष्य में उन्हें दूसरी जगह काम करने का मौका मिल सके। वहीं महिला कर्मचारियों रीना और ज्योति का कहना है कि कोरोना कॉल जैसी महामारी के समय भी उन्होंने अपनी सेवाएं मेडिकल कॉलेज को दी हैं। अब उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, जो सरासर गलत है। मेडिकल कॉलेज की तरफ से किसी प्रकार का कोई भी जॉइनिंग लेटर और एक्सपीरियंस लेटर नहीं दिया जा रहा है। यह हड़ताल अनिश्चित काल के लिए की गई है। जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती है तो इसी तरह से हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
