गांवों में घर-घर दी जाएंगीं दूध नहीं देने वाली गायें

इंदौर। एकल अभियान के अंतर्गत श्री हरि सत्संग समिति मुंबई द्वारा रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में गौ ग्राम योजना का शुभारंभ नए वर्ष के प्रारंभ में किया जाएगा। इसके तहत गौवंश को कत्लखानों में कटने से बचाने के उद्देश्य से गांव-गांव और घर-घर में गौ पालन को प्रोत्साहन दिया जाएगा, वहीं गोबर, गौमूत्र और पंचगव्य की उपयोगिता से भी जन-जन को अवगत कराया जाएगा। प्रत्येक घर में दूध नहीं देने वाली गायें देकर गोबर एवं गौमूत्र बैंक स्थापित होंगे तथा आर्गेनिक प्राॅडक्ट भी बनाए जाएंगे।
श्री हरि सत्संग समिति इंदौर चेप्टर के अध्यक्ष रामविलास राठी एवं सचिव सी.के. अग्रवाल ने बताया कि हाल ही में मथुरा के निकट गोवर्धन में भगवान कृष्ण की लीला स्थली पर इस योजना का शुभारंभ हो चुका है। पहले चरण में झारखंड एवं पश्चिमी बंगाल में यह योजना लागू की गई है। इसमें गायों को गौशालाओं में न रखते हुए चुनिंदा गांवों के घरों में पहुंचाया जाएगा। इससे घरों में गायों की अच्छी देखभाल तो होगी ही, किसानों को जैविक खेती से जोड़ने का भी प्रयास होगा। देश में 18 स्थानों पर 10 से 20 एकड़ के भूखंडों पर गौशालाएं स्थापित कर वहां गौ उत्पाद तैयार किए जाएंगे, किसानों से दूध, गोबर और गौमूत्र खरीद कर जैविक खाद गोनाईल और आर्गेनिक प्राॅड्क्ट बनाए बनाएं जाएंगे। यह योजना 10 चरणों में लागू होगी। इसके तहत ग्रामीणों की सहमति से सदस्य बनाकर उन्हें एक-एक गाय उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें दूध नहीं देने वाली गायों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसी गायों के लिए चारे और पशुआहार की व्यवस्था एकल अभियान एवं एकल विद्यालयों के सहयोग से की जाएगी। गौमूत्र और गोबर से जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार की दिशा में प्रयास होंगे। पांचवें चरण में यह योजना श्री हरि सत्संग समिति के जिम्मे कर गौरक्षक परिवारों का गठन किया जाएगा। योजना में रूचि रखने वाले गौसेवकों की समिति भी बनाई जाएगी। हर गांव और ब्लाक स्तर पर गोबर और गौमूत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे। ग्रामोत्थान योजना के तहत इन उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था विभिन्न केंद्रों द्वारा की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम चरण में प्रत्येक गांव में एक युवा ब्रिगेड तैयार कर उन्हें दूध नहीं देने वाली गायों को स्वीकार करने के लिए राजी किया जाएगा।
राठी एवं अग्रवाल ने बताया कि एकल अभियान के प्रणेता श्याम गुप्त एवं गौ क्रांति प्रकल्प के प्रमुख मुंबई के सुनील मानसिंहका और नारायण अग्रवाल के मार्गदर्शन में फिलहाल देश के दो राज्यों में ही यह योजना शुरू की गई है। इसमें एकल विद्यालयों के माध्यम से गौ संरक्षण अभियान और गौ आधारित ग्रामोद्योग की योजना बनाई गई है। वर्ष 2021 के शुभारंभ प्रसंग पर यह योजना मध्यप्रदेश और इंदौर चेप्टर में भी लागू की जाएगी। इसके तहत गांवों मंे घर-घर दूध नहीं देने वाली गायें दी जाएंगीं और गोबर, गौमूत्र एवं पंचगव्य की उपयोगिता समझाते हुए गौशालाओं में आर्गेनिक प्राॅड्क्ट तैयार कर उनसे होने वाली आमदनी से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के प्रयास किए जाएंगे। देश में इस योजना के माध्यम से बैल आधारित कृषि को भी बढ़ावा मिल सकेगा।
