गुजरात को कुपोषण मुक्त बनाने सभी संकल्पबद्ध हों : मुख्यमंत्री

अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान गुजरात में कुपोषण से पीड़ित बच्चों के प्रश्न के उत्तर में सभी जन प्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से उठकर समाज को कुपोषण मुक्त करने के अभियान गति देने का अनुरोध किया| मुख्यमंत्री ने कहा कि तंदुरस्त बालक ही तंदुरस्त समाज की नींव है| राज्य को कुपोषण मुक्त बनाने के अभियान को जन आंदोलन के रूप में चलाने की जरूरत है| उन्होंने जन प्रतिनिधियों से अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाकर इस दिशा में अभियानस्वरूप काम करने का अनुरोध करते हुए कहा कि हम सभी को गुजरात को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं| मुख्यमंत्री ने बेटी बचाओ के साथ साथ कुपोषण हटाओ अभियान सबके साथ मजबूत करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार कुपोषण के खिलाफ जंग को गंभीरता से ले रही है|
राज्य विधानसभा में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री विभावरी दवे ने जानकारी देते हुए कहा कि 31 मई 2019 तक आणंद में 6026 और वलसाड जिले में 1582 बच्चे कुपोषित थे| कुपोषण की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं| जिसमें आंगनवाडी केन्द्र में 3 से 6 साल के बच्चों को सुबह गर्म नाश्ता और दोपहर का भोजन दिया जाता है| सप्ताह में दो दिन फल दिए जाते हैं| आणंद और वलसाड जिले के सभी घटक में 6 महीने से 3 साल के बच्चों को टेकहोम राशन के तौर पर बालशक्ति दिया जाता है| 3 से 6 वर्ष के और कम वजन वाले बच्चों को तीसरे भोजन स्वरूप केलरी प्रोटिनयुक्त 50 ग्राम का लड्डू दिया जाता है| लाभार्थियों के पोषण स्तर में सुधार के लिए राज्य के सभी आंगनवाडी केन्द्रों में डबल फोर्टीफाइड नमक समेत फोर्टीफाइड तेल उपलब्ध कराया जाता है| वलसाड जिले की सभी तहसीलों में दूध संजीवनी योजना के तहत फोर्टीफाइड फ्लेवर्ड मिल्क दिया जाता है|

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