गुजरात सरकार और यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ 3 डी टेक्नोलॉजी के बीच समझौता करार

अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की उपस्थिति में गांधीनगर में राज्य सरकार के शिक्षा विभाग और यूएसए के कैलिफोर्निया की यूए इंस्टीट्यूट ऑफ 3-डी टेक्नोलॉजी के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। गुजरात के युवा विद्यार्थी वैश्विक स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में बेहद उपयोगी 3-डी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी से अवगत हों तथा अपने स्कूल और कॉलेज की प्रयोगशाला में उसका उपयोग कर सकें इस मकसद से राज्य सरकार ने यह एमओयू किया है।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन से शिक्षा विभाग ने स्टूडेंट स्टार्टअप और इनोवेशन पॉलिसी के अंतर्गत राज्य में 7 स्थानों पर इस 3-डी टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराने की पहल की है। इसके अनुसार विश्वकर्मा गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज चांदखेड़ा, अहमदाबाद गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, गांधीनगर, भरुच, राजकोट, आई-हब, एमएस पॉलिटेक्नीक वडोदरा तथा कलोल की सरकारी टेक्नीकल हाईस्कूल सहित गुजरात की अन्य टेक्नीकल संस्थाओं में यह टेक्नोलॉजी विद्यार्थियों को उनके विचारों को प्रोडक्ट में रूपांतरित करने में मददगार साबित होगी। मुख्यमंत्री, शिक्षा राज्य मंत्री विभावरीबेन दवे तथा शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव अंजु वर्मा की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन पर गुजरात नॉलेज सोसायटी के अतिरिक्त सीईओ भूपताणी एवं यूएस आई 3-डी टी की ओर से सीईओ दिलीप मैनेजिस ने हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि इस प्रोजेक्ट के परिणामस्वरूप टेक्नीकल, इंजीनियरिंग संस्था में विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, संशोधकों, प्रोफेशनल सहित औद्योगिक कार्यबल की बेहतर कुशलता मुहैया कराने के साथ ही टेक्नीकल शिक्षा पाठ्यक्रम अधिक अद्यतन होगा और उद्योगों की जरूरतों के साथ संलग्न होगा। यह 3-डी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, उद्योगों की जरूरत और अधिक रोजगार देने के साथ-साथ छात्रों, स्टार्टअप्स, संशोधकों और प्रोफेशनलों सहित औद्योगिक वर्क फोर्स को तालीम देने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। यह प्रोजेक्ट अच्छे मेहनताने और ग्रोथ के साथ विद्यार्थियों को घरेलू और विदेशी प्लेसमेंट की सुविधा प्रदान करेगा। 3-डी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी या एडिटिव मैन्यूफेक्चरिंग ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा कंप्यूटर सिस्टम की मदद से डिजिटल मॉडल से किसी भी आकार की त्रि-परिमाणीय वस्तु बनाई जा सकती है। विभिन्न आकार के मटीरियल को कंप्यूटर के नियंत्रण में लेयर बाय लेयर डिपोजिशन द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। वर्तमान में एयरोस्पेस, मैकेनिकल और ऑटोमोटिव, वाणिज्यिक उत्पादन, सिविल, आर्किटेक्चर और इंटीरियर डिजाइन, ग्राहक उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, डेन्टल, चिकित्सा, डाई और मोल्ड उत्पादन, फूड और फार्मास्यूटिकल उद्योग और शिक्षा सहित विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में 3-डी प्रिंटिंग का उपयोग होता है।
गुजरात में 3-डी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी – सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की स्थापना से विद्यार्थियों को शिक्षा और तालीम प्राप्त होगी। विभिन्न उद्योगों और सेवा क्षेत्रों के लिए कुशल वर्कफोर्स उपलब्ध होगा, स्थानीय और वैश्विक बाजार के लिए नवीन उत्पादन विकसित करने को एक प्लेटफार्म मिलेगा, युवा उद्यमियों को स्टार्टअप्स, सर्विस या मैन्यूफेक्चरिंग सुविधा शुरू करने का अवसर और स्टार्टअप्स पर बिना किसी खर्च के जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का अवसर भी मिलेगा। 3-डी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी का एडवांस सर्टिफिकेन कोर्स 3 करने वाले विद्यार्थियों को 3-डी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी इंडस्ट्रीज में इंटर्नशिप्स तथा घरेलू एवं विदेशी जॉब प्लेसमेंट मिलेगा। इतना ही नहीं, इस टेक्नोलॉजी का अभ्यास युवा विद्यार्थियों की सृजनात्मकता बढ़ाता है, डिजाइन प्रक्रिया सिखलाता है, उन्हें उत्पादन विकास में सहायता करता है, स्किल डेवलपमेंट का व्यापक अवसर प्रदान करेगा तथा विद्यार्थी उनके विचारों को उत्पादनों में रूपांतरित कर सकते हैं एवं रियल टाइम इनोवेशन में सहायक होगा, विद्यार्थी अपना स्टार्टअप्स या इंटरप्राइज शुरू कर सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को उद्योगों के अनुरूप विशिष्ट कुशलता के लिए तैयार होने का लाभ मिलेगा और उन्हें विदेश में काम करने का अवसर मिलेगा तथा वे कस्टमाइज्ड माल सप्लायर बन सकते हैं।
