गोठान निर्माण में लेटलतीफी से हो रहा है हादसों

भिलाई ।  भिलाई तीन के राम मंदिर के पास आज सुबह सड़क पर बैठे मवेशी को रौंदते हुए तेज रफ्तार ट्रक बिजली पोल से टकरा गई जिसके कारण आसपास के लोगों के घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह 5.30 बजे फोरलेन पर ट्रक क्रमांक एनएच 16 सीसी 7509 रायपुर से दुर्ग की ओर जा रही थी और भिलाई-3 में राम मंदिर के ठीक सामने एक तेज सड़क पर बैठे एक मवेशी को रौंद दिया इसके आकरण ट्रक अनियंत्रित होकर सामने लगे बिजी पोल से टकरा गई जिसके कारण  विद्युत पोल उखड़ गया और ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि तो नहीं हुई ट्रक डायवर और हेल्पर को मामूली चोट आई है और सड़क पर बैठी एक गाय को जान गंवानी पड़ गई। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों एक व्यक्ति की रात के अंधेरे में मवेशी से टकराजाने के कारण मौत हो गई थी और वही कुछ वर्ष पहले भिलाई निगम के एक होनहार इंजीनियर अरूण श्रीवास की भी मौत रात में मवेशी से टकराने से हो चुकी है। 
इस घटना से मवेशियों से होने वाली दुर्घटना को रोकने शासन की योजना के तहत बनाए जा रहे गोठान की परिकल्पना भिलाई-चरोदा इलाके में अब तक साकार नहीं हो पाने की चर्चा एक बार फिर से शुरू हो गई है। यहां पर यह बताना भी लाजिमी होगा कि राज्य शासन की योजना के तहत हर निकाय क्षेत्र में मवेशियों के लिए गोठान निर्माण कराया जा रहा है। इस  तरह का गोठान भिलाई निगम ने सुपेला में बनाया है। लेकिन भिलाई-चरोदा निगम के चार स्थानों पर एक-एक करोड़ की लागत बनने वाले गोठान के प्रस्ताव को अब तक नगरीय प्रशासन विकास विभाग से स्वीकृति नहीं मिल सकी है। लिहाजा सड़क से मवेशियों को उठाकर सुरक्षित ठिकाने में रखने का कार्य भिलाई-चरोदा निगम में इस बार हुआ ही नहीं। इस वजह से फोरलेन सड़क ही नहीं बल्कि अन्य प्रमुख सड़कों पर भी मवेशियों की लगी रहने वाली जमघट से दुर्घटना की संभावना बनी हुई है।
गौरतलब रहे कि भिलाई-चरोदा निगम की ओर से बारिश के दिनों में सड़क पर बैठने वाले मवेशियों के खिलाफ हर साल अभियान चलाया जाता रहा है। लेकिन इस तरह का अभियान अबकी बार बिल्कुल भी नहीं चलाया गया। अधिकारियों की माने तो शासन की गोठान योजना के चलते आसपास के गोशाला संचालक निगम द्वारा पहुंचाये गए मवेशियों को अपने यहां शरण देने से इंकार कर रहे हैं। इस बार अकलोरडीह और चरोदा बस्ती के कांजी हाउस का ठेका लेने भी कोई सामने नहीं आया। ऐसे में दिक्कत यह है कि सड़क से उठाकर मवेशियो को आखिरकार कहां रखा जाए। यह दिक्कत तभी दूर हो सकती है जब निगम के भेजे गए चार स्थानों में गोठान निर्माण के प्रस्ताव को शासन मंजूरी देते हुए लागत राशि प्रेषित करे।

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