चुनाव के दौरान मूकदर्शक बने एसएमसी के प्रतिबंधों के खिलाफ लोगों में आक्रोश

सूरत | चुनाव के दौरान मूकदर्शक बने सूरत महानगर पालिका (एसएमसी) प्रशासन अब कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद एक के बाद एक आदेश जारी कर विभिन्न सेवाएं बंद कर रहा है| सूरतवासियों का कहना है कि यह सख्ती उस वक्त दिखाई होती जब नगर निगम चुनावों के दौरान नेता और कार्यकर्ता कोविड नियमों का सरेआम धज्जियां उड़ा रहे थे| यदि उस वक्त कार्रवाई की होती तो शायद फिर एक बार सूरत में फिर एक बार कोरोना बेकाबू नहीं होता| बता दें कि गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव खत्म होने के बाद कोरोना फिर एक बार कहर बरपा रहा है| खासकर सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा और राजकोट में स्थिति गंभीर होती जा रही है| बुधवार को सूरत शहर और जिले में सबसे अधिक 353 कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए थे और एक मरीज की कोरोना से मौत हो गई| चिंताजनक रूप से कोरोना के बढ़ते मामले के बाद हरकत में आए सूरत महानगर पालिका प्रशासन ने इस पर काबू पाने के लिए नित नए फतवे जारी कर आम लोगों को दंडित कर रहा है| सूरत शहर में बीआरटीएस और सिटी बसें बंद कर दी हैं| ट्यूशन क्लासिस में ऑनलाइन ट्यूशन देने, बाहर से सूरत आनेवाले सभी लोगों को 7 दिन कोरन्टाइन में रहना अनिवार्य कर दिया है| शहर के सिनेमा होल, जिम, क्लब, स्पोर्ट्स क्लब, गेम जोन, होटल के बेन्कवेट होल इत्यादि बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं| सूरत में बीआरटीएस 166 और 575 सिटी बसों में प्रति दिन करीब 2 लाख से ज्यादा लोग यात्रा करते हैं| इन बसों के बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं| खासकर नौकरी पेशा लोग जिनके पास खुद के वाहन नहीं है वे लोग ऑटो रिक्शा के मनमाने किराया देने को मजबूर हैं|

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