छुट्टा जानवरों के धमा चैकड़ी से किसान परेशान

बाराबंकी। सुबेहा क्षेत्र के गरीब किसान अपनी गाढ़ी कमाई जमा पूंजी लगाकर फसल तैयार करने में जुटे हैं वहीं छुट्टा जानवरों से किसान परेशान व असहाय हैं जो फसलों को चट कर जाते हैं हर क्षेत्र में जगह-जगह इन का जमावड़ा दिखाई पड़ता है यही नहीं सड़कों पर गांव में इनकी धमा चैकड़ी से कई राहगीर ग्रामीण चोटिल होते हैं सरकार द्वारा जानवरों के आवास गृह सिर्फ शोपीस बनकर रह गए हैं ना तो उसमें इन बेजुबान के लिए कोई व्यवस्था है ना रखरखाव के उपाय ना खाने का कोई उचित प्रबंध यह बेचारे बेजुबान जाड़ा गर्मी बरसात में खुले आसमान के नीचे अपना जीवन बिता रहे हैं तथा असीमित कष्ट सहते हैं उसके बाद काल के मुख्य में समा जाते हैं परंतु सबसे बड़े दोषी तो स्वार्थी किसान हैं जो दूध उत्पादन के लिए जानवर पालते हैं कमाते हैं तथा इनके वछड़ों को तथा  दूध ना देने वाली गायों को रात के अंधेरे में क्षेत्र में छोड़ देते हैं अपना चारा बचाते हैं अगर समय रहते शासन ने इनके प्रति कड़ा कदम नहीं उठाती है तो यह एक भीषण समस्या बनेगी। सुबेहा क्षेत्र के ग्राम पंचायत शरीफाबाद मैं छुट्टा जानवरों का बोल बाला है यहां के कुछ दबंग लोग अपने जानवर छुट्टा छोड़ रखे हैं जिससे किसानों की खेती चैपट हो रही है और पूछने पर छुट्टा जानवरों को छोड़ने वाले किसान फौजदारी  पर आमादा हो जाते हैं जिसकी शिकायत शरीफाबाद निवासी मो. अकील व मो. नफीश सहित कई किसान थाना सुबेहा में कई बार लिखित रूप में दे चुके हैंजिससके  चलते छुट्टा जानवर छोड़ने वाले किसानों से काफी वाद विवाद भी हो चुका है परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई छुट्टा जानवरों से शरीफाबाद ग्रामवासी काफी परेशान हैं। 

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