जेल से छूट चुनाव लड़ने पहुंचे थे ये शख्‍स, इंदिरा गांधी को रायबरेली सीट पर दी थी मात

उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट। कांग्रेस का गढ़। आज तक सिर्फ तीन बार गैर कांग्रेसी सांसद यहां से चुने गए हैं। इनमें पहले गैर कांग्रेसी सांसद चुने गए राजनारायण उस समय (1977 में) हिसार जेल से जाकर चुनाव लड़े और इंदिरा गांधी को हराया।

वर्ष 2004 से लगातार चार बार से लोकसभा में इस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहीं कांग्रेस की सोनिया गांधी एक बार फिर चुनाव लड़ रही हैं। आज रायबरेली की जनता उनकी किस्मत का फैसला कर रही है।

राज नारायण के साथ आपातकाल के दौरान हिसार जेल में बंद रहे समाजवादी और वरिष्ठ पत्रकार मान सिंह वर्मा ने बताया कि सोशलिस्ट नेता राज नारायण ने इंदिरा गांधी की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई थी।

वे वर्ष 1971 के चुनाव में रायबरेली सीट से इंदिरा के खिलाफ चुनाव लड़े। इस चुनाव में वे हार गए। फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट की शरण ली। पांच साल तक चले मुकदमे के बाद वर्ष 1975 में अदालत ने राज नारायण के हक में फैसला दिया। फैसला आने के 14 दिन बाद ही इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लागू कर दी। देश के सभी विपक्षी नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया था।

 

राज नारायण को हिसार जेल में रखा गया था। 23 जनवरी 1977 को इंदिरा गांधी ने आम चुनाव की घोषणा करने के साथ राजनीतिक बंदियों को रिहा करने का आदेश दिया। इसके दो दिन बाद राज नारायण को हिसार जेल से छोड़ दिया गया और यहीं से वे इंदिरा गांधी के खिलाफ चुनाव लडऩे रायबरेली गए थे। इस चुनाव में उन्होंने इंदिरा गांधी को 55202 वोटों से हराया था। राज नारायण के अलावा भाजपा के अशोक सिंह ही ऐसे कांग्रेसी थे जिन्होंने रायबरेली से चुनाव जीत दर्ज की थी।

हिसार की जेल में रहकर मुजफ्फरपुर के सांसद बने थे जार्ज फर्नांडीस

 

राज नारायण के साथ जार्ज फर्नांडीस को भी हिसार जेल में रखा गया था। जार्ज पर बेंगलुरू रेलवे स्टेशन को डायनामाइट से उड़ाने की साजिश रचने का भी आरोप था। वर्ष 1977 में चुनाव की घोषणा के साथ सभी राजनीतिक बंदियों को छोड़ दिया गया, लेकिन जार्ज को नहीं छोड़ा गया। जार्ज ने हिसार जेल में रहकर बिहार की मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट से नामांकन भरा और फिर चुनाव लड़ा। उन्होंने कांग्रेस के नीतेश्वर प्रसाद सिंह को 334217 वोटों से हराया था।

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