ट्रैक्टर परेड हिंसा पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने कहा- 25 की शाम को ही सामने आ गए थे किसानों के इरादे

नई दिल्ली, कृषि कानूनों के विरोध के बीच दिल्ली में गणंतत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस.एन. श्रीवास्तव बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि किसान नेताओं ने वादाखिलाफी की और हिंसा को भड़काया।
कमिश्नर ने बताया कि 2 जनवरी को दिल्ली पुलिस को ज्ञात हुआ कि किसान 26 को ट्रैक्टर रैली करने जा रहे हैं। हमने किसानों से कहा कि कुंडली, मानेसर, पलवल पर ट्रैक्टर मार्च निकालें, लेकिन किसान दिल्ली में ही ट्रैक्टर रैली निकालने पर अड़े रहे। श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रैक्टर परेड से पहले दिल्ली के लोगों की सुरक्षा के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि कुछ नियम और शर्तें लागू की गई हैं, यह उन्हें लिखित रूप में दिया गया था। रैली दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी, इसका नेतृत्व किसान को करना था नेताओं और नेताओं को अपने समूहों के साथ होना चाहिए। उन्हें यह भी लिखित में दिया गया था कि 5000 से अधिक ट्रैक्टर (रैली में) नहीं होने चाहिए और उनके पास कोई हथियार नहीं होना चाहिए।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस.एन. श्रीवास्तव ने बताया कि 25 जनवरी की देर शाम तक यह सामने आया कि किसान अपनी बात नहीं रख रहे थे। वे आक्रामक और उग्रवादी तत्वों को सामने लाए जिन्होंने मंच पर कब्जा कर लिया और भड़काऊ भाषण दिए, जिससे उनके इरादे स्पष्ट हो गए। किसानों ने कल पुलिस के द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए पुलिस बैरिकेड तोड़कर हिंसक घटनाएं कीं। इन घटनाओं में कुल मिलाकर 394 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और कुछ पुलिसकर्मी ICU में भी हैं।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। हम चेहरे की पहचान प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं और आरोपी की पहचान करने के लिए सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की मदद ले रहे हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
बता दें कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले दो महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकर रहे किसानों ने 26 जनवरी को दिल्ली की सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर परेड निकालने का वादा किया था, मगर यह वादा खोखला साबित हुआ। दिल्ली में दिनभर चारों तरफ बवाल और झड़पें होती रहीं। गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में ऐसा उत्पात मचेगा, इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। मगर हकीकत तो यही है कि 26 जनवरी को दिल्ली में प्रदर्शनकारी किसानों ने ऐसा बवाल काटा, जिसकी गूंज काफी समय तक सुनाई देगी। तो चलिए जानते हैं सभी लेटेस्ट अपडेट्स…
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। हम चेहरे की पहचान प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं और आरोपी की पहचान करने के लिए सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की मदद ले रहे हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस.एन. श्रीवास्तव ने बताया कि 25 जनवरी की देर शाम तक यह सामने आया कि किसान अपनी बात नहीं रख रहे थे। वे आक्रामक और उग्रवादी तत्वों को सामने लाए जिन्होंने मंच पर कब्जा कर लिया और भड़काऊ भाषण दिए, जिससे उनके इरादे स्पष्ट हो गए। किसानों ने कल पुलिस के द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए पुलिस बैरिकेड तोड़कर हिंसक घटनाएं कीं। इन घटनाओं में कुल मिलाकर 394 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और कुछ पुलिसकर्मी ICU में भी हैं।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 2 जनवरी को दिल्ली पुलिस को ज्ञात हुआ कि किसान 26 को ट्रैक्टर रैली करने जा रहे हैं। हमने किसानों से कहा कि कुंडली, मानेसर, पलवल पर ट्रैक्टर मार्च निकालें, लेकिन किसान दिल्ली में ही ट्रैक्टर रैली निकालने पर अड़े रहे।
