डार्क जोन में मोटर ने पानी नहीं खींचा तो नीचे कुएं में पहले पति उतरा-फिर पत्नी, वापस कोई नहीं आया

नवांशहर. नवांशहर जिले में शनिवार को एक दंपती की जहरीली गैस की वजह से मौत हो गई। हादसा उस वक्त का है, जब यहां गां बहलूर कलां में एक किसान के पास काम करने वाला मजदूर खेत में ट्यूबवेल के पानी नहीं उठाने के चलते नीचे कुएं में उतर गया। नीचे जहरीली गैस की वजह से वह बेहोश होकर गिर गया, जिसके बाद उसकी पत्नी भी परिजनों के मना करने के बावजूद उतर गई। आखिर अंजाम यह हुआ कि भूमिगत जलस्तर के मामले में डार्क जाेन में जा चुके इस इलाके में दोनों की जान चली गई।

किसान गुरदयाल सिंह छोक्कर के खेतों में रहने वाले मजदूर की पहचान बिहार के जिला अररिया के मधु साहनी के रूप में हुई है। उसके पिता मुक्ति साहनी ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 7 बजे उसके बेटे मधु ने खेत में पानी देने के लिए ट्यूबवेल चलाया। जब मोटर ने पानी नहीं खींचा तो वह कुएं में उतर गया। काफी देर तक जब ऊपर बाहर नहीं आया तो उसकी पत्नी मालती देवी कुएं के पास पहुंची। पति को बेहोश देख वह भी नीचे उतरने लगी तो मुक्ति ने बहू को यह कहकर रोक दिया कि वह किसी और को बुलाकर लाते हैं। जब तक अंदर कोठे से फोन लेकर निकले मालती भी कुएं में उतर चुकी थी।

इस घटना के बाद वहां लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने किसी तरह से कुएं की गैस को नष्ट किया और दोनों को बाहर निकाला तो पाया कि दोनों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर घटना की जानाकरी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि गैस चढ़ने के कारण ही दोनों की मौत हुई। मृतकों के 2 बेटे व 2 बेटियां हैं तथा उनकी आयु 10 वर्ष से कम है।

यह है सबसे बड़ी दिक्कत

पिछले कई दिनों से पंजाब में भूजल स्तर को लेकर काम कर रहे दैनिक भास्कर की रिपोर्ट कहती है कि जिले के तीन ब्लाॅक राहों, नवांशहर व औड़ बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके हैं। करीब 20-25 साल पहले जिन मोटरों को जमीन के लेवल पर लगाकर बोरवेल से पानी निकाला जाता था, अब उन्हें उन मोटरों को 15-20 फीट गहरे कुएं खोदकर लगाना पड़ रहा है।

कारण भी हमीं लोग

इसके कारण के बारे में भूमि रक्षा अधिकारी ऊधम सिंह ने बताया कि 20-25 साल पहले वाटर लेवल नीचे जाने की वजह से खेतों में लगी मोटरें कम पानी निकालने लगी तो लोगों ने बोर गहरे करवा लिए। मोटरें भी करीब 20-25 फीट गहरे कुएं खोदकर नीचे रखनी शुरू कर दी। इससे पानी तो अधिक आने लगा, मगर यह गिर रहे भूजल स्तर के लिए भी एक कारण बन रहा है। जमीन में रीचार्ज हो रहा पानी 40-45 फीट की गहराई तक ही सीमित है, जबकि खेतों में लगी मोटरें 50 या इससे अधिक फीट नीचे से पानी खींच रही हैं।
 

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