दिल्ली जैसे कई शहरों में लागू होगी इलेक्ट्रिक वाहनों में बैट्री अदला-बदली व्यवस्था

नीति आयोग ने गुरुवार को दिल्ली जैसे 40 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों में बैट्री अदला-बदली व्यवस्था को लागू करने का फैसला लिया लिया बैट्री अदला-बदली इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था है। इसमें ‘डिस्चार्ज’ बैट्री को चार्ज बैट्री से बदल दिया जाता है। ऐसे वाहनों को बिना बैट्री के बेचा जाएगा, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए मौजूदा या नई योजनाओं के तहत दिए जाने वाले पैकेज भी लागू होंगे। इससे भी लाभ मिलेगा। मसौदे में सुझाव दिया गया है कि प्रोत्साहन के आकार का निर्धारण बैट्री की किलोवॉट रेटिंग और ईवी के आधार पर किया जा सकता है। सब्सिडी कैसी होगी और किस तरह इसका वितरण होगा, इसके लिए एक उपयुक्त प्रणाली संबंधित मंत्रालय या विभाग तैयार करेगा। 
 
बैट्री अदला-बदली दोपहिया और तीन पहिया जैसे वाहनों के लिए उपयोग की जा सकती है। क्योंकि इनमें छोटी बैट्री होती है और बदलना आसान होता है। निजी वाहनों में दोपहिया का हिस्सा 70-80 है,ज्यादातर लोग इससे लाभान्वित हो रहे। कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान पर बैट्री अदला-बदली स्टेशन स्थापित करने को स्वतंत्र होगा। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन में खराबी से किसी तरह की दुर्घटना होती है तो संबंधित कंपनी पर भारी जुर्माना लगेगा। बदले में कंपनी को दूसरा वाहन भी देना होगा। पिछले दो महीनों में इलेक्ट्रिक स्कूटर से जुड़े हादसों को लेकर उन्होंने यह बात कही। 

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