दिल्ली में स्कूल खोलने पर असमंजस बरकरार, ‘आप’ सरकार अब तक नहीं ले सकी फैसला

दिल्ली राजधानी दिल्ली के स्कूल कब से खुलेंगे इसको लेकर असमंजय अब भी बरकरार है। स्कूल दोबारा खुलेंगे या नहीं, दिल्ली सरकार अभी इस पर कोई निर्णय नहीं ले सकी है। कोविड-19 महामारी की स्थिति नियंत्रण में आने के बाद स्कूलों को दोबारा खोलने के लिए दिल्ली सरकार ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से सुझाव मांगे हैं।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सोमवार को कहा कि स्कूल खोलने को लेकर मैंने लोगों से सुझाव मांगे थे। अभी तक करीब 30-35 हजार सुझाव आए हैं। इनमें से कुछ लोग स्कूलों को खोलना चाहते हैं, कुछ डरे हुए हैं। हम इसकी स्टडी करा रहे हैं। इसके आधार पर कोई निर्णय होगा तो बताएंगे। स्कूल खुलेंगे कि नहीं समय पर बता दिया जाएगा।
सिसोदिया ने बीते सप्ताह कहा था कि दिल्ली में स्कूल और कॉलेज खोलने से पहले मैं स्कूल और कॉलेज के छात्रों, प्रिंसिपल, शिक्षकों और माता-पिता से पूछना चाहता हूं कि क्या अब हमें स्कूल और कॉलेज खोल देना चाहिए? अगर खोलना चाहिए तो आपके इस पर क्या सुझाव हैं?
सिसोदिया ने कहा था कि विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक स्कूलों को दोबारा खोलने की प्रक्रिया को लेकर अपने सुझाव 'delhischools21@gmail.com पर भेज सकते हैं और सभी की राय पर विचार करने के बाद ही फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार ने बच्चों की सुरक्षा और संरक्षा के मद्देनजर स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का फैसला किया था, लेकिन अब, कई पड़ोसी राज्यों में स्कूल खुल गए हैं या खुल रहे हैं और दिल्ली में भी कोविड की स्थिति नियंत्रण में है। करीब 70,000 कोविड जांच रोजाना दिल्ली में की जा रही हैं, जिनमें से केवल 40 या 50 ही संक्रमित पाए जा रहे हैं। इसलिए, शिक्षण संस्थानों को खोलने का कोई भी फैसला लेने से पहले, हमें अभिभावकों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और बच्चों के सुझाव इस बारे में लेने होंगे। सुझाव मिलने के बाद सरकार फैसला करेगी कि कैसे और कब शिक्षा संस्थानों को दोबारा खोला जाए।
सिसोदिया ने यह भी बताया था कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में आयोजित स्पेशल पीटीएम में पांच लाख अभिभावकों ने हिस्सा लिया और शिक्षकों से संवाद कर अपने बच्चों की पढ़ाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पीटीएम के दौरान अभिभावकों और शिक्षकों में स्कूलों को दोबारा खोलने को लेकर उत्सुकता के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भय की मिली-जुली भावना रही। कॉलेज बंद होने की वजह से हमारे युवाओं की कॉलेज की जिंदगी भी घर के छोटे कमरे में सिमट कर रह गई है।
गौरतलब है कि कोविड-19 की वजह से दिल्ली के स्कूल पिछले साल मार्च से ही बंद हैं। इस साल जनवरी में दिल्ली सरकार ने नौंवी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल आने की अनुमति दी थी, लेकिन संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद इस फैसले को स्थगित कर दिया गया।
