परंपरा बचाने की अनूठी पहल, बैलगाड़ी से गए दूल्हा व बाराती

रायपुर । मंगलवार को अक्षय तृतीया पर चरौदा निवासी मनोज कुमार साहू पुत्र मोतीलाल साहू के परिजनों ने प्राचीन परंपरा को जीवित रखने बैलगाड़ी से बारात लेकर गए। मनोज का विवाह तामासिवनी के श्रद्धा साहू पुत्री नरोत्तम साहू के साथ हुआ।

पांच बैलगाड़ी व बैलों को सजाकर दूल्ले सहित सभी बाराती चरौदा से तामासिवनी लगभग तीन किलोमीटर गए। बैलगाड़ी में बाराती आते देख लोगों का हुजूम लग गया। यह परंपरा पहले लगभग हर शादी में देखी जाती थी, लेकिन अब आधुनिक संसाधनों के चलते लोगों ने बैलगाड़ी से बारात निकालना बंद कर दिया है। ऐसे में इस बारात को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए।

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