पुण्य का बैलेंस बढ़ाती है पितृमोक्षदायी भागवत

इन्दौर । तर्पण हमारे सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण शास्त्रोक्त अनुष्ठान हैं जिससे पितृ दोष, कालसर्प दोष एवं जन्मकुंडली के ग्रहों के दोष भी नष्ट हो सकते हैं। केवल भारत में ही ऐसी दिव्य संस्कृति है कि हम दिवंगत परिजनों को भी प्रसन्न कर सकते हैं। हमारे यहां श्राद्धपक्ष जैसे उत्सवों का प्रावधान इसीलिए है कि हम अपने देवी-देवताओं और पितरों को प्रसन्न रख सकें। पितृमोक्षदायी भागवत के श्रवण से पितरों को तो मुक्ति मिलती ही है, हमारे पुण्य का बैलेंस भी बढ़ता है।
ये प्रेरक विचार हैं आचार्य पं. पवन तिवारी के, जो उन्होंने बड़ा गणपति चौराहा, पीलियाखाल स्थित हंसदास मठ पर हंसपीठाधीश्वर महंतश्री रामचरणदास महाराज के सानिध्य एवं परशुराम महासभा के पं. पवन शर्मा के विशेष आतिथ्य में आज से प्रारंभ पितृमोक्षदायी भागवत की महत्ता बताते हुए व्यक्त किए। इसके पूर्व हंसदासमठ परिसर में भागवतजी की भव्य शोभायात्रा ढोल ढमाकों सहित निकाली गई। महंत रामचरणदास महाराज एवं पं. पवन शर्मा सहित अनेक साधु-संत भी शामिल थे। भजन एवं गरबा मंडलियों सहित नाचते-गाते भक्तों का काफिला कथा स्थल पहुंचा जहां सैकड़ों भक्तों ने नंगे पैर भागवतजी को मस्तक पर धारण कर व्यासपीठ की परिक्रमा की। मुख्य यजमान दूल्हेसिंह-राधादेवी, सूरजसिंह-कलाबाई राठौर, हरि-अरूणा अग्रवाल एवं पुष्पा-महेंद्र यादव, राजेंद्र-लक्ष्मी गर्ग के साथ प्रेमस्वरूप खंडेलवाल, डॉ. चेतन सेठिया, सीए सीताराम सोनी, जवाहर शर्मा, भगवती प्रसाद कुमावत, पुरूषोत्तम मेड़तवाल, माणकचंद पोरवाल आदि ने व्यासपीठ का पूजन किया। श्रद्धा सुमन सेवा समिति की ओर से मोहनलाल सोनी, राजेंद्र गर्ग हरि अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, मुरारीलाल माहेश्वरी, हनुमानप्रसाद सारड़ीवाल, गिरधर सोनी, रामशंकर मिश्रा आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन राजेंद्र सोनी ने किया और आभार माना राजेंद्र गर्ग ने।
:: तर्पण अनुष्ठान में आए 400 से अधिक साधक ::
मठ पर चल रहे तर्पण अनुष्ठान में आचार्य पं. पवन तिवारी के निर्देशन में आज भी 400 से अधिक साधकों ने अपने दिवंगत परिजनों की स्मृति में तर्पण क्रिया संपादित की। आरती में समाजसेवी पं. योगेंद्र महंत, पूर्व महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा, परशुराम महासभा के अध्यक्ष पं. वीरेंद्र शर्मा, श्याम अग्रवाल, ओमप्रकाश फरकिया, राजकुमारी मिश्रा, श्रीमती कृष्णा अग्रवाल आदि ने सभी साधकों के साथ भाग लिया। अनुष्ठान में प्रतिदिन देश के स्वतंत्रता सेनानियों, शहीद जवानों, होलकर राज्य के शासकों, देवी अहिल्याबाई एवं गौमाता के लिए भी तर्पण किया जा रहा है।
संयोजक मोहनलाल सोनी एवं हरि अग्रवाल ने बताया कि हंसदास मठ पर चल रही पितृमोक्षदायी भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 2 से 5 बजे तक होगी। इसके पूर्व सुबह 8 से 10 बजे तक तर्पण का निःशुल्क अनुष्ठान भी जारी रहेगा।
