प्रदेश की वाटर बाडीज के चुनाव करानें की तैयारियां शुरु, 700 नई बाडीज भी बनाई जायेंगी

भोपाल।राज्य सरकार ने अब जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गठित वाटर बाडीज जिन्हें जल उपभोक्ता संथायें भी कहा जाता है, के चुनाव की तैारियां प्रारंभ कर दी हैं। ये वो बाडीज होती हैं जो निर्मित नहरों, जलाशयों से पानी खेतों तक पहुंचाती हैं और बदले में संबंधित बाडीज के क्षेत्र के किसानों से निर्धारित शुल्क भी वसूल करती हैं। इन बाडीज में किसान ही चुनाव लड़ते हैं और पानली का प्रबंधन एवं शुल्क की वसूली करते हैं। प्रदेश में अभी 2064 बाडीज गठित हैं तथा नई परियोजनायें निर्मित होने से 700 और बाडीज का गठन किया जाना है। जल संसाधन विभाग के मैदानी अधिकारियों से कहा गया है कि वे इन नई बाडीज के गठन का प्रस्ताव भेजें।
गांव के नाम से बनेंगी बडीज :
नई बाडीज संबंधित क्षेत्र के किसी एक गांव के नाम से बनाई जायेंगी। प्रत्येक बाडी को प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र में विभक्त किया जायेगा जो लघु सिंचाई प्रणाली के मामले में छह एवं मध्यम तथा वृहद सिंचाई प्रणाली के मामले में बारह होंगी। सामान्यत: दो हजार हैक्ैटेयर तक की सिंचाई प्रणाली में एक जल उपभोक्ता संथा बनाई जायेगी। प्रेशराईज्ड पाईप प्रणाली से सिंचाई की परियोजनाओं के अंतर्गत भी वाटर बाडीज बनाई जायेंगी। विभागीय अधिकारी ने बताया कि वाटर बाडीज के चुनाव कराये जाने हैं जिसके लिये नई बाटर बाडीज के गठन के निर्देश दिये गये हैं। प्रस्ताव आने पर इनका परीक्षण कर इन्हें नोटिफाई किया जायेगा। पहले विधानसभा, फिर लोकसभा तथा उसके बाद कोविड संक्रमण के कारण इन बाडीज के चुनाव नहीं हो सके थे।
